For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

sunanda jha 's Discussions (233)

Discussions Replied To (139) Replies Latest Activity

"उत्साह वर्धन के लिए हृदयतल से आभार आदरणीया ।"

sunanda jha replied on Sunday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108

49 on Sunday
Reply by sunanda jha

"उत्साहवर्धन के लिए हृदयतल से आभार आदरणीय ,प्रयास करुँगी उत्तम तुकांत लिखने की । "

sunanda jha replied on Sunday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108

49 on Sunday
Reply by sunanda jha

"हृदयतल से आभार आदरणीय ,यह 16,11 मात्राओं वाला सरसी छन्द है सादर ।"

sunanda jha replied on Sunday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108

49 on Sunday
Reply by sunanda jha

"पानी तेरी अजब कहानी ,महिमा अपरम्पार।पानी के ही इर्दगिर्द है ,नाचे यह संसार। पानी से…"

sunanda jha replied on Sunday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108

49 on Sunday
Reply by sunanda jha

"दरख़्त-जंगल, पशु-परिंदेमिट्टी पर सारे वाशिंदेएक-दूजे ख़ातिर जीतेजल से जीवन चला-चलाजल…"

sunanda jha replied on Sunday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108

49 on Sunday
Reply by sunanda jha

"मुक्तछंद में अनुपम काव्य -सृजन के लिए हृदय से बधाई स्वीकारें सादर ।"

sunanda jha replied on Sunday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108

49 on Sunday
Reply by sunanda jha

"अद्भुत है यह नीर धन, गुण इसके पहचानस्वर्ग साध सातों जनम, कर प्यासे को दान। वाहहहह!!…"

sunanda jha replied on Sunday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108

49 on Sunday
Reply by sunanda jha

"बहुत ही सुंदर जनक छंद में रची गई रचना के लिए हार्दिक बधाई स्वीकारें सादर ।"

sunanda jha replied on Sunday to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-108

49 on Sunday
Reply by sunanda jha

"वाहहह! आदरणीय बिल्कुल ही अलग हटकर सधे शब्दों में लाजवाबब्ब मुक्त सृजन के लिए बहुत बह…"

sunanda jha replied Aug 10 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-106

45 Aug 10
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"दिल से शुक्रिया आदरणीय मेरी हौसलाफजाई के लिए सादर।"

sunanda jha replied Aug 10 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-106

45 Aug 10
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

विमल शर्मा 'विमल' commented on प्रशांत दीक्षित 'सागर''s blog post ग़ज़ल - चरागाँ इक मुहब्बत का जला दो तुम
"वाह वाह... बेहद खूबसूरत अल्फाजों से सजाया...बधाई।"
2 hours ago
विमल शर्मा 'विमल' commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post थामूँ तोरी बाँहे गोरी / तिन्ना छंद
"आदरणीय 'समर कबीर' साहब एवं 'प्रशांत दीक्षित सागर ' साहब आपके उत्साहवर्धन हेतु…"
2 hours ago
dandpani nahak left a comment for लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी बहुत शुक्रिया"
4 hours ago
dandpani nahak commented on dandpani nahak's blog post गज़ल
"आदरणीय सलीम रज़ा साहब आदाब बहुत शुक्रिया आप सही है ठीक करने की कोशिश करता हूँ!"
4 hours ago
dandpani nahak commented on dandpani nahak's blog post गज़ल
"परम आदरणीय समर कबीर साहब प्रणाम आपका आदेश सर माथे पर!"
4 hours ago
dandpani nahak commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल: वक़्त की शतरंज पर किस्मत का एक मोहरा हूँ मैं।
"आदरणीय बलराम जी बेहतरीन ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई स्वीकार करें! ये " मेरा लहज़ा मेरा लहज़ा नहीं है…"
4 hours ago
Manoj kumar Ahsaas posted a blog post

अहसास की ग़ज़ल

1222   1222   1222   1222मुहब्बत के नगर में आँसुओं के कारखाने है, यहां रहकर पुराने जन्म के कर्ज़े…See More
5 hours ago
प्रशांत दीक्षित 'सागर' posted a blog post

ग़ज़ल - चरागाँ इक मुहब्बत का जला दो तुम

1222 1222 1222चरागाँ इक मुहब्बत का जला दो तुम,अभी उन्वान रिश्ते को नया दो तुम ।फ़ना ही हो गये जो…See More
5 hours ago
प्रशांत दीक्षित 'सागर' commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल
"बहुत सुंदर । बधाई स्वीकार करें ।"
7 hours ago
प्रशांत दीक्षित 'सागर' commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post थामूँ तोरी बाँहे गोरी / तिन्ना छंद
"चोरी-चोरी।ओ री छोरी।थामूँ तोरी।बाँहे गोरी। बहुत अच्छा है सर ।"
7 hours ago
प्रशांत दीक्षित 'सागर' commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल: वक़्त की शतरंज पर किस्मत का एक मोहरा हूँ मैं।
"Bahut sundar sir"
7 hours ago
Balram Dhakar commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल: वक़्त की शतरंज पर किस्मत का एक मोहरा हूँ मैं।
"आदरणीय समर सर, सादर अभिवादन।  ग़ज़ल पर आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा थी।   टंकण…"
16 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service