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Richa Yadav's Discussions (1,251)

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"इक नशा रात मुझपे तारी था  राज़ ए दिल भी कहीं खुला तो नहीं 2 बारहा मुड़ के हमने ये द…"

Richa Yadav replied Dec 29, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आदरणीय अजय जी नमस्कार अच्छी ग़ज़ल हुई आपकी ख़ूब शेर कहे आपने बधाई स्वीकार कीजिए सादर"

Richa Yadav replied Dec 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आदरणीय चेतन जी नमस्कार ग़ज़ल का अच्छा प्रयास किया आपने बधाई स्वीकार कीजिए  सादर"

Richa Yadav replied Dec 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आदरणीय लक्ष्मण जी नमस्कार ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है बधाई स्वीकार कीजिए सादर"

Richa Yadav replied Dec 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आदरणीय तिलक जी नमस्कार बहुत खेद है पहली बार ये गलती हुई मुझसे सादर एक कोशिश की है__…"

Richa Yadav replied Dec 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आदरणीय अजय जी नमस्कार बहुत शुक्रिया आपका सुधार और बेहतरी की पुनः कोशिश करूंगी सादर"

Richa Yadav replied Dec 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आदरणीय दयाराम जी नमस्कार अच्छे मतले के साथ ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है बधाई स्वीकार कीज…"

Richa Yadav replied Dec 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आदरणीय निलेश जी नमस्कार बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई आपकी बधाई स्वीकार कीजिए  सादर"

Richa Yadav replied Dec 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"आदरणीय जयहिंद जी नमस्कार ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है बधाई स्वीकार कीजिए  गुनीजनों की टि…"

Richa Yadav replied Dec 28, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

"2122 1212 22 दिल को पत्थर बना दिया तो नहीं  वो किसी याद का किला तो नहीं 1 कुछ नशा…"

Richa Yadav replied Dec 27, 2025 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186

54 Dec 29, 2025
Reply by अजय गुप्ता 'अजेय

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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . शृंगार
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