For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

SS's Discussions (48)

Discussions Replied To (11) Replies Latest Activity

"ਵਾਹ ! ਕਮਾਲ ਹੈ! ਅੱਖਰਾਂ ਦਾ ਜਾਦੂ ! ਕੋਈ 'ਬੋਦੀ ',ਕੋਈ 'ਸੁੰਨਤ ' ਨਾ 'ਅੰਮ੍ਰਿਤ ' ਰੁਕਾਵਟ ਸੀ ਨਹੀ…"

SS replied Jul 24, 2012 to ਕਿੱਦਾਂ ਲੱਗਿਆ ? ਕੀ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ ਸੂਝਵਾਨ ਇਸ ਬਾਬਤ

2 Jul 24, 2012
Reply by SS

"ਬਹੁਤ ਹੀ ਖੂਬਸੂਰਤ ਗਜ਼ਲ ਸਾਂਝੀ ਕਰਨ ਲਈ ਸ਼ੁਕਰੀਆ ! ਹਰਦੀਪ #@$%%$#@#$%$#@$"

SS replied Mar 3, 2012 to ghazal

2 Mar 3, 2012
Reply by charnjit mann

"ਰਾਜ ਜੀ, ਜ਼ਰੂਰ, ਤੁਸੀਂ ਮੇਰੀਆਂ ਕਵਿਤਾਵਾਂ ਨੂੰ ਸ਼ਿਵ ਬਟਾਲਵੀ . ਕਾਮ 'ਤੇ ਪੋਸਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ। ਪਰ ਮੇਹ…"

SS replied Nov 8, 2011 to ਤੇਜ਼ ਹਵਾਏ ਜਰਾ ਠਹਿਰ ਜਾ ਨੀ "geet"

4 Nov 14, 2011
Reply by राज लाली बटाला

"ਯੋਗਰਾਜ ਜੀ, ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਦੀਵਾ - ਕਵਿਤਾ ਨੂੰ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ਮੇਰੇ ਪਿੰਡ ਆਉਣ ਲਈ ਸ਼ੁਕਰੀਆ । ਏਸ ਕਵਿਤਾ ਰਾਹੀ…"

SS replied Nov 3, 2011 to ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਦੀਵਾ

2 Nov 3, 2011
Reply by SS

"ਪਿੰਡ...ਮੇਰਾ ਪਿੰਡ... ਰਾਜ ਜੀ, ਏਸ ਗੀਤ 'ਚੋਂ ਮੈਨੂੰ ਮੇਰਾ ਪਿੰਡ ਦਿਖਦਾ ਹੈ.... ਤੂਤਾਂ ਵਾਲਾ ਖੂਹ…"

SS replied Oct 28, 2011 to ਤੇਜ਼ ਹਵਾਏ ਜਰਾ ਠਹਿਰ ਜਾ ਨੀ "geet"

4 Nov 14, 2011
Reply by राज लाली बटाला

"ਚੰਗਾ ਲੱਗਾ ਸੁਰਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਹਾਡਾ ਲਿਖਿਆ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ! ਝੂਠੇ ਖਾਬ ਸਜਾਈ ਰੱਖਦੇ ਜ਼ੁਬਾਨ 'ਤੇ ਕੌੜੀ ਦਵਾਈ…"

SS replied Sep 2, 2011 to ਲਾਰਾ-ਲੱਪਾ

2 Sep 2, 2011
Reply by SS

"ਸੁਰਿੰਦਰ ਜੀ, ਬਹੁਤ-ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ! ਜੀ ਹਾਂ ਇਹ ਗੀਟੇ ਖੇਲਣਾ ਹੁਣ ਲੱਗਭੱਗ ਲੁਪਤ ਹੋ ਚੱਲਿਆ ਹੈ....ਹ…"

SS replied Aug 30, 2011 to ਗੀਟੇ ਖੇਲਣਾ

4 Aug 30, 2011
Reply by SS

"ਸਤਿਕਾਰਯੋਗ ਯੋਗਰਾਜ ਜੀ, ਬਹੁਤ ਚੰਗਾ ਲੱਗਾ ਆਪ ਜੀ ਦੇ ਦਿੱਤੇ ਸ਼ਬਦਾਂ ਦਾ ਹੁਲਾਰਾ । ਮਾਲਵੇ ਦੀ ਰਹਿਣ ਵ…"

SS replied Aug 28, 2011 to ਗੀਟੇ ਖੇਲਣਾ

4 Aug 30, 2011
Reply by SS

"ਹੰਝੂਆਂ ਦਾ ਕੀ ਏ ਆਉਂਦੇ ਬਹਿ ਜਾਂਦੇ.... ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਲੱਗਾ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ! ਦੀਪਕ ਜੀ ਨੂੰ ਵਧਾਈ ! ਹ…"

SS replied Aug 28, 2011 to हंजुआं दा की है

4 Aug 29, 2011
Reply by Deepak Sharma Kuluvi

"ਸਤਿਕਾਰਯੋਗ ਯੋਗਰਾਜ ਪ੍ਰਭਾਕਰ ਜੀ, ਬਹੁਤ-ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ! ਹੌਸਲਾ ਅਫ਼ਜਾਈ ਲਈ! ਸਾਂਝ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣਾ । ਆ…"

SS replied Aug 26, 2011 to ਧੁੱਪ

2 Aug 26, 2011
Reply by SS

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहे -रिश्ता
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी रिश्तों पर आधारित आपकी दोहावली बहुत सुंदर और सार्थक बन पड़ी है ।हार्दिक बधाई…"
Tuesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-120
"तू ही वो वज़ह है (लघुकथा): "हैलो, अस्सलामुअलैकुम। ई़द मुबारक़। कैसी रही ई़द?" बड़े ने…"
Monday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-120
"गोष्ठी का आग़ाज़ बेहतरीन मार्मिक लघुकथा से करने हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय मनन कुमार सिंह…"
Monday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-120
"आपका हार्दिक आभार भाई लक्ष्मण धामी जी।"
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-120
"आ. भाई मनन जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई।"
Monday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-120
"ध्वनि लोग उसे  पूजते।चढ़ावे लाते।वह बस आशीष देता।चढ़ावे स्पर्श कर  इशारे करता।जींस,असबाब…"
Sunday
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-120
"स्वागतम"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177
"आ. रिचा जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177
"आ. भाई अजय जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177
"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177
"आ. भाई अमित जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए धन्यवाद।"
Saturday

© 2025   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service