For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Samar kabeer's Discussions (7,252)

Discussions Replied To (851) Replies Latest Activity

"'सोते रहे अवाम' उम्द: सुधार है ।"

Samar kabeer replied Jul 21, 2024 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157

141 Jul 22, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जनाब मिथिलेश वामनकर जी आदाब, प्रदत्त चित्र पर आपने बहुत उम्द: दोहे रचे हैं,पढ़ कर आनं…"

Samar kabeer replied Jul 21, 2024 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157

141 Jul 22, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

"मुहतरमा प्रतिभा पाण्डेय ज्यादाब, प्रदत्त चित्र को सार्थक करता बहतरीन गीत लिखा है अपन…"

Samar kabeer replied Jul 20, 2024 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157

141 Jul 22, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जनाब अशोक रक्ताले जी आदाब, प्रदत्त चित्र को सार्थक करते बहुत उम्द: दोहे रचे आपने, इस…"

Samar kabeer replied Jul 20, 2024 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157

141 Jul 22, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जनाब हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब, प्रदत्त चित्र को सार्थक करते अच्छे दोहे लिखे आपने, इस…"

Samar kabeer replied Jul 20, 2024 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157

141 Jul 22, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जनाब दयाराम जी आदाब, प्रदत्त चित्र पर दोहे लिखने की अच्छी कोशिश है,लेकिन अभी कुछ कमि…"

Samar kabeer replied Jul 20, 2024 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157

141 Jul 22, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

"जनाब लक्ष्मण धामी जी आदाब, प्रदत्त चित्र को सार्थक करते अच्छे दोहे लिखे आपने, इस प्र…"

Samar kabeer replied Jul 20, 2024 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 157

141 Jul 22, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

"हम सब यहाँ तालिब-ए-इल्म हैं जनाब ।"

Samar kabeer replied May 21, 2023 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव’ अंक 145

101 May 21, 2023
Reply by Dr. Ashok Goyal

"जनाब अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी आदाब, प्रदत्त चित्र को सार्थक करते दोहों का अच्छा प्…"

Samar kabeer replied May 21, 2023 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव’ अंक 145

101 May 21, 2023
Reply by Dr. Ashok Goyal

"//इस पंक्ति को "जो भी दुख को सहता है|' किया जा सकता है// अवश्य । //छांव में चन्द्र ब…"

Samar kabeer replied May 21, 2023 to 'ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव’ अंक 145

101 May 21, 2023
Reply by Dr. Ashok Goyal

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
1 hour ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Feb 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service