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अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव's Groups (5)

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    171 members Latest Activity: Oct 13

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    172 members Latest Activity: Oct 13 हिंदी सीखे : वार्ताकार - आचार्य श्री संजीव वर्मा "सलिल"

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"आ. भाई नीलेश जी, उम्दा गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
11 minutes ago
Ajay Tiwari commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"'वेट loss का टारगेट भी  पूरा हुआ' लेकिन इस ग़ज़ल ने आपका 'वेट' और बढ़ा दिया…"
1 hour ago
Ajay Tiwari commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
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1 hour ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"शुक्रिया आ. अजय जी,..इस   ग़ज़ल के बारे में एक रोचक बात बताता हूँ...दरअस्ल इस ग़ज़ल ने परसों…"
1 hour ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
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1 hour ago
Ajay Tiwari commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"आदरणीय निलेश जी, बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है. हर शेर बहुत खूब है. हार्दिक बधाई. "
1 hour ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Zohaib's blog post ग़ज़ल (सुन कर ये तिरी ज़ुल्फ़ के मुबहम से फ़साने)
"आ. ज़ोहेब जी,अच्छी ग़ज़ल है ..दीवाने को दिवाना  पढना दोषपूर्ण है .. मतला बदल…"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आ. भाई राणा प्रताप जी, सादर अभिवादन। पुनः एक अनुरोध और गजल संख्या 50 को पूरणतः इस संशोधित गजल से…"
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"शुक्रिया आ. तेज वीर सिंह जी "
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"सुक्रिया आ. समर सर "
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"शुक्रिया आ. सुरखाब भाई "
2 hours ago
Samar kabeer commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post "मन मार्जियां "
"जनाब प्रदीप भट्ट साहिब आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,लेकिन ग़ज़ल बह्र और क़वाफ़ी के हिसाब से समय चाहती…"
10 hours ago

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