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ओ बी ओ सदस्यों की एक मुलाकात: सौरभ पाण्डेय, धर्मेन्द्र शर्मा और आराधना जी

18 सितम्बर की वो गुनगुनी दुपहरिया जब हमसभी आभासी बिम्बों की परिधि से बाहर निकल सापेक्ष-सच्चाई के मोड़ पर आ मिले थे !
...सौरभ पाण्डेय

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Comment by Aradhana on September 22, 2011 at 2:01pm

saubhaagya...


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on September 22, 2011 at 1:57pm

आराधनाजी, 

आपकी तथा आशीषभाई की निर्दोष ग्राह्यता हमें परिमार्जित कर गयी. इस तथ्य को तो धरमभाई भी अनुमोदित कर रहे हैं.

धन्यवाद.

Comment by Aradhana on September 22, 2011 at 1:43pm

aadarneey saurabh ji evam dharam ji, aap dono hi se milna ek bada hi khubsurat anubhav raha. aap dono ka dil se dhanyawaad. 

saadar,

aradhana

 

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