For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Roopchandrashastri Mayank
Share
  • Feature Blog Posts
  • Discussions (10)
  • Events
  • Groups
  • Photos
  • Photo Albums
  • Videos

Roopchandrashastri Mayank's Friends

  • यशोदा दिग्विजय अग्रवाल
  • Neelkamal Vaishnaw
 

Roopchandrashastri Mayank's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
KHATIMA
Native Place
KHATIMA
Profession
DOCTOR
About me
I AM A POET

सुझाव

ओ.बी.ओ. के संचालक मण्डल से निवेदन है कि उस मर्यादा को हटा दें, जिसमें आपने प्रतिबन्ध लगाया हुआ है कि औबीओ में अप्रकाशित रचना ही प्रकाशित होगी!

मेरा तर्क यह है कि

1- जो व्यक्ति अपना ब्लॉग चलाता है वह तो सर्वप्रथम अपनी रचना को अपने ब्लॉग पर ही लगाना चाहेगा।

2- यदि वह ओ.बी.ओ.पर अपनी रचना सबसे पहले लगा दे और उसके बाद अपने ब्लॉग पर प्रकाशित कर दे तो इससे ओ.बी.ओ.पर क्या प्रतिकूल प्रभाव पड़ने वाला है । मेरी समझ में अब तक यह विज्ञान और तर्क नही समा सका है।

अगर मेरी बात से संचालक मण्डल को ठेस लगी हो तो क्षमा चाहता हूँ।

मगर इतना निवेदन जरूर है कि मेरे सुझावों पर विचार जरूर किया जाये!

धन्यवाद! 

Comment Wall (5 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 1:11am on February 4, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 1:28pm on May 12, 2013, Admin said…

इस नियम पर पूर्व में काफ़ी चर्चा हुई है, नियमित सदस्य अब इस नियम के प्रयोजन को भली भाति समझने लगें हैं, नीचे एक लिंक दे रहाँ हूँ, कृपया देख लें, विश्वास है आप सबकुछ समझ सहयोग करने लगेंगे ।

ओ बी ओ प्रकाशन सम्बंधित नियम के सम्बन्ध में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

At 10:58am on June 22, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
At 10:24am on June 22, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 4:46pm on June 20, 2011, Admin said…
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post किस तरह होते फ़ना प्यार निभाने के लिए (४६ )
"vijay nikore साहेब बहुत बहुत शुक्रिया हौसला आफजाई के लिए | "
6 hours ago
Pradeep Devisharan Bhatt posted a blog post

-ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टार-

ट्विंकल ट्विंकल लिट्ल स्टारबंद करो ये अत्याचारनज़रो में वहशत है पसरीजीना बच्चों का दुश्वारशहर नया हर…See More
8 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

औरत.....

औरत.....जाने कितने चेहरे रखती है मुस्कराहट थक गई है दर्द के पैबंद सीते सीते ज़िंदगी हर रात कोई…See More
8 hours ago
Pradeep Devisharan Bhatt commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"बहुत खूब अच्छि गज़ल  हुई ।बधाई"
10 hours ago
Pradeep Devisharan Bhatt shared Naveen Mani Tripathi's blog post on Facebook
10 hours ago
vijay nikore commented on बृजेश नीरज's blog post धारा
"रचना अच्छी लगी, बधाई बृजेश जी"
11 hours ago
vijay nikore commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post किस तरह होते फ़ना प्यार निभाने के लिए (४६ )
"गज़ल अच्छी लिखी है। बधाई गिरधारी सिंह जी"
11 hours ago
vijay nikore commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"हरि ओम जी, छ्न्द अच्छे लगे। बधाई।"
11 hours ago
Sonia is now a member of Open Books Online
15 hours ago
vijay nikore posted a blog post

सूर्यास्त के बाद

निर्जन समुद्र तटरहस्यमय सागर सपाट अपारउछल-उछलकर मानो कोई भेद खोलतीबार-बार टूट-टूट पड़ती लहरें…See More
16 hours ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

221 2121 1221 212ता-उम्र उजालों का असर ढूढ़ता रहा । मैं तो सियाह शब…See More
yesterday
Dr. Vijai Shanker posted a blog post

जिंदगी के लिए — डॉo विजय शंकर

कभी लगता है , वक़्त हमारे साथ नहीं है , फिर भी हम वक़्त का साथ नहीं छोड़ते। कभी लगता है , हवा हमारे…See More
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service