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Sudhir Thakur
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मिथिलेश वामनकर commented on Sudhir Thakur's blog post क्या बात करें ?
"आदरणीय सुधीर ठाकुर जी, इस प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई. आपकी प्रस्तुति से गुजरते हुए महसूस हुआ कि आपकी कहन का अंदाज़ और झुकाव ग़ज़ल की तरफ है. संभवतः. ओबीओ पटल पर ग़ज़ल की कक्षा उपलब्ध है यदि आप चाहें तो पूरे अध्याय पढ़ जाएँ. आपके भावों और शब्दों यदि ग़ज़ल…"
May 16, 2023
Sudhir Thakur posted a blog post

क्या बात करें ?

गुफ़्तगु तो बहुत हैं मगर क्या बात करें, ग़म ए ज़िंदगी बहुत है, मगर क्या बात करें।कहते हैं दुःख बांटने से कम हो जाता है , मगर शब्द ही मुंह से न निकलें , फिर क्या बात करें।ज़िंदगी ने सिखाया कि रोना नहीं है , मगर अश्क़ ही न थम पाएं , फिर क्या बात करें।आप उनकी ख़ातिर मर-मर के जिये हैं , वो फिर भी न समझ पाएं , फिर क्या बात करें।है बड़ी कुंद सी मेरी ये ज़िन्दगी , झूठे ही मुस्कुराये ,फिर क्या बात करें।नाहक़ ही उन्हें कोई कुछ भी ना बताये, किस्मत ही ऐसी पाई, फिर क्या बात करें।ना जाना कभी, ना समझा कभी, ग़र अब भी…See More
May 12, 2023
Sudhir Thakur is now a member of Open Books Online
May 11, 2023

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhopal
Native Place
Bareli MP
Profession
T.O.
About me
Bachpan sebsahity me ruchi rahi hai.

Sudhir Thakur's Blog

क्या बात करें ?

गुफ़्तगु तो बहुत हैं मगर क्या बात करें,

ग़म ए ज़िंदगी बहुत है, मगर क्या बात करें।

कहते हैं दुःख बांटने से कम हो जाता है ,

मगर शब्द ही मुंह से न निकलें , फिर क्या बात करें।

ज़िंदगी ने सिखाया कि रोना नहीं है ,

मगर अश्क़ ही न थम पाएं , फिर क्या बात करें।

आप उनकी ख़ातिर मर-मर के जिये हैं ,

वो फिर भी न समझ पाएं , फिर क्या बात करें।

है बड़ी कुंद सी मेरी ये ज़िन्दगी ,

झूठे ही मुस्कुराये ,फिर क्या बात करें।

नाहक़ ही उन्हें कोई कुछ भी ना बताये,…

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Posted on May 12, 2023 at 12:20pm — 1 Comment

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At 10:15am on April 9, 2024, Erica said…

I need to have a word privately,Could you please get back to me on ( mrs.ericaw1@gmail.com) Thanks.

 
 
 

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