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Vishal Goyal
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"देरी के लिए माफ़ी समर कबीर और मोहम्मद आरिफ साहब  , बहुत बहुत धन्यवाद् आपका !"
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Samar kabeer commented on Vishal Goyal's blog post मेरा इंतज़ार करना
"जनाब विशाल गोयल साहिब आदाब,अच्छी लगी आपकी अतुकान्त कविता,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
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Samar kabeer commented on Vishal Goyal's blog post मेरा इंतज़ार करना
"जनाब आरिफ़ साहिब ये रचना विजय निकोर जी की नहीं है ।"
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Mohammed Arif commented on Vishal Goyal's blog post मेरा इंतज़ार करना
"आदरणीय विजय निकोर जी आदाब, सुंदर रचना । रचना में व्यर्थ का लंबान अखर रहा है । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।"
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Vishal Goyal posted a blog post

मेरा इंतज़ार करना

मेरे प्रियतममेरा इंतज़ार करनाजब बादल झूम कर बरसेधरती की प्यास बुझानेमोह जतानेपरतेरे मन की प्यासमिलन की प्यासदेखवो तर ना हो पाएजब वो गौरैया उन्मुक्त हो जायेचहचहायेख़ुशी फ़ैलानेतुझे मनानेपर तेरी आँखों से उदासी का गीतचुरा गायेजब सूरज पूरब की बाँहों मेंखिले , मुस्कायेपर तेरे सूखे अधर देखबीती रातपश्चिम के साथप्रणय की यादउसे सताएजब सावन आये मस्ती मेंहरियाली फ़ैलानेतुझे रिझानेपरवो पीपल का पेड़हाँ हाँवही पीपल का पेड़चुपके सेतेरी खामोशीगिरा जायेजब नदियां खुश होंखेतों की वोबरसों सूनीगोद भर जायेपर वो झीलजो…See More
Nov 11, 2017
Vishal Goyal is now a member of Open Books Online
Nov 9, 2017

Profile Information

Gender
Male
City State
Delhi
Native Place
Agra

Vishal Goyal's Blog

मेरा इंतज़ार करना

मेरे प्रियतम

मेरा इंतज़ार करना

जब बादल झूम कर बरसे

धरती की प्यास बुझाने

मोह जताने

पर

तेरे मन की प्यास

मिलन की प्यास

देख

वो तर ना हो पाए

जब वो गौरैया उन्मुक्त हो जाये

चहचहाये

ख़ुशी फ़ैलाने

तुझे मनाने

पर तेरी आँखों से उदासी का गीत

चुरा गाये

जब सूरज पूरब की बाँहों में

खिले , मुस्काये

पर तेरे सूखे अधर देख

बीती रात

पश्चिम के…

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Posted on November 10, 2017 at 2:49pm — 4 Comments

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