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Veena Gupta's Blog – February 2021 Archive (2)

सरस्वती वंदना

मात शारदे सुन ले विनती,ज्ञान चक्षु तू मेरे खोल 

मिट जाए सब कलुष हृदय का,वाणी में अमृत तू घोल 

बासंती मौसम आया है,नव-नव पल्लव रहे हैं डोल 

विश्व प्रेम का अंकुर फूटे,मंत्र कोई ऐसा तू बोल  

ज्ञान की मन में जगे पिपासा,दे ऐसा आशीष अमोल 

विद्या धन ही सच्चा धन है,ऐसा न कोइ खजाना अनमोल 

आज खड़ी झोली फैलाए,मॉं तू अपना ख़ज़ाना खोल 

दो बूंदें दे ज्ञान सागर की,मॉं दे दे ये वर अनमोल 

मॉं तू अपना ख़ज़ाना खोल,मात शारदे कुछ तो बोल 

तेरी माँ अब…

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Added by Veena Gupta on February 13, 2021 at 1:21am — No Comments

ज़िन्दगी

जैसी भी हो बडी़ ख़ूबसूरत होती है ज़िन्दगी 

जिन्दगी में नित नए मोती पिरोती है ज़िन्दगी 

कहीं चंदा सी चमचम कहीं तारों सी झिलमिल 

और कहीं सूरज सी रौशन होती है ज़िन्दगी 

फूलों सी महकती कहीं, कहीं काँटों सी उलझ जाती ज़िन्दगी 

कहीं नदिया की चंचल धारा,कहीं सागर सी ठहरी ज़िन्दगी 

सुख दुख में अपने पराए की पहचान कराती है ज़िन्दगी  

वक्त बदले तो राजा को भी रंक बनाती है ज़िन्दगी 

ना जाने कैसे कैसे रंग दिखाती है ज़िन्दगी 

कभी सुख कभी दुख के…

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Added by Veena Gupta on February 7, 2021 at 3:25am — 1 Comment

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