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केशव माधव हरी हरी बोल ;


धरा नागपुर की पावन पर चमत्कार हुआ अनमोल
विजयदशमी की पावन बेला पर केशव माधव हरी हरी बोल ;

जन सेवा का लिया व्रत और स्वयमसेवक जो कहलाये
सघन पेड़ बरगद का जैसे ,फैलता फैलते ही जाएँ
श्रम साधित वन्दना हमारी मानवहित करते जाएं
बन कर भारती पूत अमोल केशव माधव हरी हरी बोल ;

धरा नागपुर की पावन पर चमत्कार हुआ अनमोल
विजयदशमी की पावन बेला पर केशव माधव हरी हरी बोल ;

डगर कठिन ये सफर कठिन हो हम को निज मंजिल पाना ;
राह की हर भव भय बाधा को करते पार चले जाना
चलना अपनी राह अडोल केशव माधव हरी हरी बोल ;

धरा नागपुर की पावन पर चमत्कार हुआ अनमोल
विजयदशमी की पावन बेला पर केशव माधव हरी हरी बोल ;

केशव की धारा को हिय अंतर माधव जी ने धारा;
निज हित का परित्याग किया और जनहित को ही किया प्यारा
गये केशर हर मन घोल , केशव माधव हरी हरी बोल ;
धरा नागपुर की पावन पर चमत्कार हुआ अनमोल
विजयदशमी की पावन बेला पर केशव माधव हरी हरी बोल ;

दीप जीरवी

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Comment

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मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 17, 2010 at 9:54am
केशव माधव हरी हरी बोल..........
बहुत ही खुबसूरत रचना दीप साहिब , विजय पर्व दशहरे की बधाई स्वीकार करे |

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