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यह मेरा दर्द है
 

यह मेरा दर्द है,आँखों से छलक आता है
यूँ ही पैमाना,बदनाम हुआ जाता है

लाख कह ले यह ज़माना,न जीना आया हमें
वक़्त अच्छा हो बुरा हो,गुज़र तो जाता है

सबको हँसता हुआ देख लूँ,मैं चला जाऊँगा
यूँ भी "दीपक" जलनें से कहाँ बच पाता है

मैं न अपनों को याद आऊँ,न गैरों को
प्यार उस हद तक मेरा मुझको,नज़र आता है

दीपक 'कुल्लुवी'
9350078399
17 /10 /12

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Comment by Deepak Sharma Kuluvi on October 18, 2012 at 9:51am

SHUKRIYA AJAY SAHIB

AAPNEN HAMARE JAZWAATON KO SAMJHA PARKHA........

KULUVI

Comment by ajay sharma on October 17, 2012 at 11:08pm

मैं न अपनों को याद आऊँ,न गैरों को
प्यार उस हद तक मेरा मुझको,नज़र आता है  .....ETERNAL LOVE EMOTED  , THIS IS TRUE GITA SAAR 

 

Comment by ajay sharma on October 17, 2012 at 11:05pm

GOOD ONE  .....लाख कह ले यह ज़माना,न जीना आया हमें 
वक़्त अच्छा हो बुरा हो,गुज़र तो जाता है

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