For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गतांक - 6 से आगे आखरी पन्ने -7

 


गतांक - 6 से आगे

आखरी पन्ने -7
(दीपक शर्मा 'कुल्लुवी')

तन्हा तन्हा पाया
न इसने साथ निभाया न उसने साथ निभाया
जब भी देखा दिल को अपनें तन्हा तन्हा पाया
कहनें को तो सब थे अपनें सब तो यही कहते थे
लेकिन जब भी मुड़कर देखा साथ किसी को न पाया
कद्र मेरे जज्वातों की वोह क्या खाक करेंगे
जिनको मुहब्बत नफरत में फर्क करना आया
कौन नहीं चाहता उनकी यादगारें न बनें
हमनें अपनीं यादों को सबसे दिल में बसाया
शुरू हो चुका ज़िन्दगी का शायद आखरी दौर
सोचेंगे कभी फुर्सत में क्या खोया क्या पाया
जलते रहे 'दीपक' की तरह तख्ख्लुस रखा 'कुल्लुवी'
मुआफ कर चले उन  सबको जिस जिसने हमें जलाया
दीपक शर्मा 'कुल्लुवी'
09136211486
शेष अगले अंक-8 में

 

Views: 283

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on December 17, 2010 at 12:17pm

BAGI JI SAB AAP JAISE DOSTON KA PYAR AUR  ASHIRWAAD HAI ,WAQI KULLU KA KYA KAHANA....SAB SUNDAR HI SUNDAR

 

DKS


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 17, 2010 at 10:33am

दीपक साहब आपकी रचनायें एक अलग महक लिये हुये होती है शायद कुल्लू की घाटियों का महक, यह कृति भी बेहतरीन है | बधाई ...

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"सादर अभिवादन "
4 minutes ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी की नमस्कार, यूँ तो आज आयोजन प्रारंभ ही हुए हैं और किसी प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं है,…"
3 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
15 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"स्वागतम"
15 hours ago
Admin replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"स्वागतम"
15 hours ago
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
"स्वागतम"
15 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आपकी बात से सहमत हूँ। यह बात मंच के आरंभिक दौर में भी मैंने रखी थी। अससे सहजता रहती। लेकिन उसमें…"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .विविध

दोहा सप्तक. . . . . . विविधकभी- कभी तो कीजिए, खुद से खुद की बात ।सुलझेंगे उलझे हुए,  अंतस के हालात…See More
Monday
amita tiwari posted blog posts
Monday
Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
Sunday
Admin posted discussions
Sunday
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Sunday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service