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गहरा प्यार.......................


गहरा प्यार.......................
जब तुम्हें कभी हो यह महसूस   
की प्यार किसी का कम हो रहा है 
आशाओं के तुम्हारे जीवन में
निराशाओं का कुहरा छाने लगे 
प्रेम पथ की गति जब कभी थमने लगे 
खुशियों के दामन में 
जब मायूसी  झाने लगे        
तुम लौट आना-तुम लौट आना
दफ़न किये जो मेरे प्यार को 
अर्थ मिट्टी को  हटाना तुम लौट आना-तुम लौट आना
आपके प्यार में डूबे मेरे शब्द   अपने अलंकारित श्रवणों को सुनना    
बुझे पड़े इस दीप की बाती को 
तुम फिर से जलाना 
तुम लौट आना तुम लौट आना 
प्रीत के सौरभ से दामन 
भर दूंगा 
है व्यर्थ समझा जो कोई  
उसको मै व्यर्थ कर दूंगा 
खुद को अग्नि में जलाकर 
तुमको मै कंचन कर दूंगा 
प्रेम की पवित्र गंगा में 
फिर से तुमको नहला दूंगा
तुम लौट आना-तुम लौट आना

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