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प्रिय ,अभी
वक्त कैसे बीत रहा हैं अब आप को क्या बताऊँ हर तरफ तुम्हारी ही यादें है .हर तरफ हर जगह तुम्ही दिख रहे हो .. तुम्हारी ओ मुस्कुराहट.. तुम्हारी आहट बन कर सताती है.......तुम्हें देखने की जो ललक  तब थी.. ओ आज भी  वैसी ही है ....अफ़सोस की तुम्हें न देख  पाने  की वजह से  मेरे नैनो की प्यास बढ़ती जा रही है ..तुम्हारी ओ नज़रे मुझे .उस अथाह प्रेम की याद दिलाती है . तुम्हारा प्रेम गुलाबी रंग रोशनी बन कर, हर समय  मेरी आखों को चकाचौंध कर देता है .....सुबह उठें तो तुम.. दोपहर में देखें तो तुम ..शाम में तुम . और रात को भी तुम्ही तुम.. कैसे कट रहा है एक एक पल..तुम्हारे बिन.. पर तुम्हे क्या मालुम ..अगर पता भी हो तो तुम कर ही क्या कर सकते हो ... क्योंकि प्यार से बड़ा आप के लिए कुछ और ही था ....जिसे पाने के लिए आप ने प्यार को कुर्बानी का नाम दे दिया ...   प्यार को तोड़ने के लिए आप ने बेहद समझ बुझ के कदम उठाया.....उस तोड़ मरोड़ के मेरे बुरे वक्त में आप ने जो घाव  मेरे ह्रदय को दिया है क्या वह  कभी  ठीक हो  पायेगा ...मै जब-जब उन घाओं  पर तुम्हारी यादों का मरहम लगाना चाहता हूँ ..... तब-तब मरहम लगाना भूल तुम्हारे प्यार के अतीत में खो जाता हूँ .....मै बहुत चाहता हूँ की ओ सब  कुछ  मै लिख डालूं ..जो गुज़रा वो सब बयान कर दूं.. ....पर हो नहीं पाता जब कुछ लिखने बैठता हूँ तो तुम्हारी याद आ जाती है...और सब कुछ थम जाता है सिर्फ आप ही आप रह जाते हो..  अब तो आपने मुझसे बहुत बड़ी दुरी बाना लिए हो ..दूरी संकोच की डोरी होती है ... संकोच से मन की बात नहीं होती ...और जब मन की बात ही न हो तो प्रेम वहां छुप जाता है  ..  कभी-कभी सोचता हूँ की आप को फिर वैसा ही ख़त लिखूं जो पहली बार मै लिका था. और आप उसे पाने को उतने ही बेकरार थे फिर सोचने लगता हूँ .क्या आप की बेकरारी फिर वही होगी..नहीं अब शायद नहीं होगी..      शायद अब मेरे उस प्रेम की जगह जलन हो  ..एक दर्द  हो जिससे आप छुटकारा पाना चाहोगे  ....जो टीस बन कर आप को सताता हो..यही डर मन को सताने लगता है..........

मै आप से एक वादा करता हूँ की आप को कभी भी अपनी वजह से  कोई परेसानी नहीं आने दूंगा मै आप के  गृहस्ती  को  खँडहर  कर करके उस पर मै  अपने प्यार की नीव  वापस कभी रखना नहीं चाहूँगा .......मै हमेशा अपने प्यार को...... मै मेरे दिल में ज़िंदा रखूंगा और आप को याद करता रहूंगा .....आप के प्यार की याद ही अब मेरी  वसीहत  है जिसे मै हमेशा अपने आखिरी वक्त तक  सम्भाल कर रखूंगा...

तुम्हारा

 राज...........................

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