For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

" मम्मा , मै अपनी आगे की पढाई पूरी कर पाउन्गी ना ?" माधुरी ने निराशा और अविश्वास भरे स्वर मे माँ से कहा जो उसका सर अपनी गोद मे रख अपनी आंखो से बहती नदी को रोकने का प्रयास कर रही थी l
" हाँ ...मेरी बेटी तो बहुत बहादुर है वो सब कर पायेगी , भगवान का लाख लाख शुक्र है तुम अब पहले से बहुत ठीक हो नही तो...."कहते कहते माँ का गला रुन्ध गया और कुछ दिन पहले हुआ वो भयानक एक्सिडेंट याद आ गया l
भय के कारण उनके रोन्ग्टे खडे हो गये और उन्होने माधुरी के हाथ को कस कर पकड़ लिया l
माँ के इस तरह के व्यवहार से वो भी समझ गई कि माँ बहुत डर गई है l उसने खुद को सम्भाला और माँ के चेहरे को अपने हाथो से टटोलते हुए बोली"अरे मम्मा , आप रो रही हो , मुझे हिम्मत देते देते खुद टूटने लगी ?"
" नही मेरी बच्ची, मै रो नही रही वो तो बस ऐसे ही...., चल तू बता क्या खायेगी ?"माँ ने बात बदलने की कोशिश की l
" मम्मा, उस एक्सिडेंट में मैने अपनी एक आंख गँवाई है और दूसरी कमजोर हुई है पर दिमाग बिल्कुल ठीक है , इतनी जल्दी हार नही मान
मानूँगी मै, आप मुझे पढ कर सुनाना और मै याद कर लूँगी इस तरह मै अपनी पढाई पूरी कर लूँगी " माधुरी के चेहरे और आवाज मे अब आत्मविश्वास की चमक थी l
उसके कमरे में रखी किताब भी अपने पन्ने फड़फ़डा कर उसका साथ देने की हामी भर रही थी l

@रेनुका
मौलिक एवं अप्रकशित

Views: 198

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Renuka chitkara on May 9, 2017 at 7:22am
बहुत शुक्रिया
Comment by Nita Kasar on May 1, 2017 at 7:24pm
आत्मविश्वासी व्यक्ति अपनी मंज़िल पा सकता है ।संदेशप्रद कथा के लिये बधाई आद० रेणुका जी।
Comment by Mohammed Arif on May 1, 2017 at 1:39pm
आदरणीया रेणुका जी आदाब, बेहतरीन, सशक, अच्छा कथानक, संवाद भी विषयानुकूल-पात्रानुकूल और एक सदेश प्रधान लघुकथा । आपको ढेरों बधाई और शुभकामनाएँ स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब मुनीश साहिब, अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
58 seconds ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब क़मर साहिब, अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
3 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"मुह तरमा राजेश कुमारी साहिबा  , अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
5 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब आसिफ साहिब, अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
8 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब तनवीर साहिब, ग़ज़ल की अच्छी कोशिश की है आपने   , मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l समर साहिब…"
10 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब नादिर साहिब आ दाब, अच्छी ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l समर साहिब के मशवरे पर ग़ौर…"
15 minutes ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"बहुत बहुत शुक्रिया जनाब आसिफ़ जैदी साहब ."
17 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब आसिफ साहिब , ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I "
20 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"मुह तरमा राजेश कुमारी साहिबा, ग़ज़ल पर आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत…"
20 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब नादिर खान साहिब आ दाब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I "
21 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब भाई सुरेन्द्र नाथ साहिब, ग़ज़ल पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया…"
22 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब सुर खाब साहिब , ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I "
23 minutes ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service