For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

212 212 212 212

याद उसको कभी,मेरी आती नहीं ।

और ख्वाबों से मेरे,वो जाती नहीं ।।

सो रही अब भी वो, चैन से रात भर ।

अब इधर नींद आँखों में आती नहीं ।।

वो मिले जब कभी,बात पूंछू यही

प्यार उसको नहीं, या जताती नहीं ।।

लफ़्ज़ तेरे सभी,मेरे होंठों पे हैं ।

गीत क्यूँ तू मिरे गुनगुनाती नहीं ।।

तेरी हर बात का मैं तो काइल हुआ ।

मेरी बातें तुझे क्यों लुभाती नहीं ।।

 

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 109

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Samar kabeer on October 28, 2019 at 2:16pm

जनाब प्रशांत दीक्षित 'सागर' जी आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है,बधाई। स्वीकार करें ।

'याद उनको कभी,मेरी आती नहीं ।

और ख्वाबों से मेरे,वो जाती नहीं '

मतले में शुतरगुरबा दोष है,ऊला मिसरे में 'उनको' की जगह "उसको" कर लें,दोष निकल जायेगा ।

'सो रही अब भी वो, चैन से रात भर ।

नींद ही अब कभी,मुझकोआती नहीं'

इस शैर का सानी मिसरा यूँ कर लें:-

'और इधर नींद आँखों में आती नहीं'

'लब्ज़ तेरे सभी,मेरे होंठों पे है ।

गीत क्यूँ तू मिरे गुनगुनाती नहीं '

इस शैर के ऊला मिसरे में 'लब्ज़' को "लफ़्ज़" और 'है' को "हैं" कर लें ।

'तेरी हर बात के,हम तो कायल हुये ।

मेरी बातें तुझे क्यों लुभाती नहीं'

इस शैर में भी शुतरगुरबा दोष है,ऊला मिसरा यूँ कर लें तो दोष निकल जायेगा:-

'तेरी हर बात का मैं तो क़ाइल हुआ'

Comment by प्रशांत दीक्षित 'सागर' on October 20, 2019 at 10:24pm
बहुत वहुत धन्यवाद Dr. Geeta Chaudhary जी ।
Comment by Dr. Geeta Chaudhary on October 20, 2019 at 7:11pm
प्रशांत दीक्षित जी बहुत सुंदर रचना, आपको ढेरों शुभकमनाएं..

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on Samar kabeer's blog post "ओबीओ की सालगिरह का तुहफ़ा"
"आदरणीय समर कबीर साहेब एवं समस्त एडमिन्स को बहुत बहुत बधाई | निःसन्देह  ओ बी ओ नए लोगों के…"
7 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted blog posts
8 hours ago
Salik Ganvir posted a blog post

एक ग़ज़ल

आज आंखें नम हुई तो क्या हुआरो न पाए हम कभी अर्सा हुआआपबीती क्या सुनाऊंगा उसेआज भी तो है गला बैठा…See More
9 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़रीब हूँ मैं मगर शौक इक नवाबी है(८०)
"आपने रचना को सराहा। आपके स्नेह के लिए अंतस्थल से आभारी हूँ। सादर नमन भाई Sushil Sarna जी…"
10 hours ago
अमीरुद्दीन खा़न "अमीर " posted a blog post

ग़ज़ल (अन्दाज़ ए नज़र )

रौशनी दिल में नहीं हो तो ख़तर बनता है,आग सीने में लगी  हो तो शरर  बनता है।जिसको ढाला न गया हो किसी…See More
10 hours ago
Sushil Sarna commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post ग़रीब हूँ मैं मगर शौक इक नवाबी है(८०)
"वाह क्या शे'र है सर..... गज़ब की अदायगी है। .... खूबसूरत अहसासों के खूबसूरत अशआर ... दिल से…"
13 hours ago
Sushil Sarna commented on vijay nikore's blog post मृदु-भाव
"बहुत सुंदर आदरणीय विजय निकोर जी, अंतर् भावों को शब्दों के परिधान से सुसज्जित कर उसे ऐसे पेश करना…"
13 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post मीठे दोहे :
"आदरणीय rajesh kumari  जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार। "
13 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on Sushil Sarna's blog post मीठे दोहे :
"बहुत सुन्दर मौलिक दोहे एक सार्थक संदेश देते हुए । हार्दिक बधाई आदरणीय "
19 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"ओबीओ परिवार के सभी सदस्यों को ओबीओ की 10 वीं सालगिरह की ढेरों बधाई और शुभकामनाएँ ...."
19 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"अपने ओबीओ परिवार के सभी सदस्यों को ओबीओ की 10 वीं सालगिरह की ढेरों बधाई और शुभकामनाएँ ...."
19 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post गजल(शोर हवाओं....)
"आभार आदरणीय।"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service