आदरणीय रणवीर सिंह 'अनूप' आपकी टिप्पणी मैंने अभी देखीं! आपने समारोह के समाप्त होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, और जब ऐसा हुआ तब तक Reply Box
बंद हो चुका था! फिर भी आप की प्रतिक्रिया का स्वागत है! किन्तु सम्यक यह नहीं रहता कि प्रस्तुति के किन्हीं स्थलों पर प्रश्नचिन्ह लगाने से आपने कारण गिनाए होते और अपने संशोधन प्रस्तुत किये होते! मात्रा गणना, दोहा छंद में नियमानुसार होती है! हां, एकाधिक जगह, संशोधन की आवश्यकता मुझे भी महसूस हुई!
1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे
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रणवीर सिंह 'अनुपम''s Comments
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