For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अरुन 'अनन्त''s Discussions (1,480)

Discussions Replied To (1122) Replies Latest Activity

"अहा !!!! अहा !!!! अहा !!!! आदरणीय गुरुदेव श्री अप्रितम गीत रचा है आपने कितनी सहजता ए…"

अरुन 'अनन्त' replied Jul 11, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 45

557 Jul 13, 2014
Reply by harivallabh sharma

"आदरणीय गिरिराज सर बहुत ही सुन्दर रचना रची है आपने आपको हार्दिक बधाई प्रेषित करता हूँ…"

अरुन 'अनन्त' replied Jul 11, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 45

557 Jul 13, 2014
Reply by harivallabh sharma

"आदरणीय सौरभ सर बेहतरीन कुण्डलिया छंदों के द्वारा आयोजन का आगाज करने एवं इन शानदार कु…"

अरुन 'अनन्त' replied Jul 11, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 45

557 Jul 13, 2014
Reply by harivallabh sharma

"आदरणीय जगदीश जी आपके द्वारा रचित नवगीत 'मैं  स्वयं निःशब्द हूँ' को माह की सर्वश्रेष्…"

अरुन 'अनन्त' replied Jul 8, 2014 to रचनाओं को सम्मानित करने की एक अनूठी पहल @ महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना ( Best Creation of the Month )

871 Oct 14, 2023
Reply by rohit mitro

"आदरणीय धामी जी माह का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई प्रेषित करता हूँ स…"

अरुन 'अनन्त' replied Jul 8, 2014 to एक घोषणा:-महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)

1065 Dec 3, 2016
Reply by सुरेश कुमार 'कल्याण'

"आज मेरी पुत्री 'आराध्या' का प्रथम जन्मदिवस है इस शुभ अवसर पर आप सभी गुरुजनों, अग्रजो…"

अरुन 'अनन्त' replied Jul 3, 2014 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

प्रधान संपादक

"अद्भुत तरही मुशायरे में सम्मिलित ग़ज़लों का इतनी शीघ्रता से संकलन मन प्रसन्न कर दिया आ…"

अरुन 'अनन्त' replied Jun 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48 में प्रस्तुत सभी रचनाएँ

23 Jul 19, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"आदरणीया कल्पना जी लाजवाब लाजवाब लाजवाब बहुत ही सुन्दर क्या बात है बहुत ही उम्दा अशआर…"

अरुन 'अनन्त' replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"वाह शिज्जु भाई जी मजा आ गया बहुत ही उम्दा ग़ज़ल कही है आपने ढेरों दिली दाद कुबूल फरमाए…"

अरुन 'अनन्त' replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आदरणीय गिरिराज सर बहुत ही उम्दा ग़ज़ल कही है आपने दिल खुश हो गया पढ़कर बहुत बहुत बधाई स…"

अरुन 'अनन्त' replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service