For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sheikh Shahzad Usmani's Discussions (5,135)

Discussions Replied To (4469) Replies Latest Activity

प्रधान संपादक

"आदाब। फ़रवरी माह के आग़ाज़ पर एक साथ तीन गोष्ठियों के  बेहतरीन संकलन पेश किए जाने और…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Feb 1, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-46 में शामिल सभी लघुकथाएँ

4 Feb 2, 2019
Reply by मोहन बेगोवाल

"आपसे भी हौसला अफ़ज़ाई पाकर धन्य हुआ। बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय आसिफ़ ज़ैदी साहिब।"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jan 30, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-46 (विषय:मोह)

224 Jan 30, 2019
Reply by मोहन बेगोवाल

"आदाब। मेरी इस प्रविष्ठि रचना पर आपकी प्रोत्साहक टिप्पणी मेरे लिए महत्वपूर्ण है। बहुत…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jan 30, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-46 (विषय:मोह)

224 Jan 30, 2019
Reply by मोहन बेगोवाल

"आदाब। रचना पर समय देकर राय साझा करने और हौसला अफ़ज़ाई हेतु बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jan 30, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-46 (विषय:मोह)

224 Jan 30, 2019
Reply by मोहन बेगोवाल

"आदाब। हौसला अफ़ज़ाई हेतु बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीया कनक हरलल्का साहिबा।"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jan 30, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-46 (विषय:मोह)

224 Jan 30, 2019
Reply by मोहन बेगोवाल

"आदाब। रचना पर त्वरित राय-मशविरा और प्रोत्साहन देने हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीय सर श्…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jan 30, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-46 (विषय:मोह)

224 Jan 30, 2019
Reply by मोहन बेगोवाल

"मैंने सोचा था कि केवल शीर्षक वैसा लिया गया है। मुझे उस फ़िल्म की कहानी याद नहीं है।…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jan 30, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-46 (विषय:मोह)

224 Jan 30, 2019
Reply by मोहन बेगोवाल

"आदाब। आपको रचना अच्छी लगी, ख़ुशी हुई। बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीय विनय कुमार साहिब। कु…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jan 30, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-46 (विषय:मोह)

224 Jan 30, 2019
Reply by मोहन बेगोवाल

"प्रथम टिप्पणी द्वारा प्रोत्साहित करने हेतु बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीया अन्नपूर्णा बाज…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jan 30, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-46 (विषय:मोह)

224 Jan 30, 2019
Reply by मोहन बेगोवाल

"आदाब। विषयांतर्गत बहुत ही भावपूर्ण विचारोत्तेजक रचना। हार्दिक बधाई आदरणीया बबीता गुप…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jan 30, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-46 (विषय:मोह)

224 Jan 30, 2019
Reply by मोहन बेगोवाल

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
12 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
12 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
15 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service