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"आदरणीया कल्पना रामानी जी  आपको ये कहन सार्थक लगा..आपने इसे समझा मुझे अच्छा लगा  आपक…"

Dr.Prachi Singh replied Mar 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-41 (Now Closed)

693 Mar 10, 2014
Reply by मनोज कुमार सिंह 'मयंक'

"समाज में ..परिवार में.. बहुत ज़रूरी है की हम ये जाने कि साथी के मन में क्या बात है जो…"

Dr.Prachi Singh replied Mar 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-41 (Now Closed)

693 Mar 10, 2014
Reply by मनोज कुमार सिंह 'मयंक'

"आदरणीय अखिलेश श्रीवास्तव जी  आपको इस प्रस्तुति का कथ्य सार्थक लगा और महिलाओं के हाल…"

Dr.Prachi Singh replied Mar 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-41 (Now Closed)

693 Mar 10, 2014
Reply by मनोज कुमार सिंह 'मयंक'

"आदरणीय गिरिराज भंडारी जी  //नारी के विचार नारी के विषय मे कितने निराशा जनक हो चुके…"

Dr.Prachi Singh replied Mar 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-41 (Now Closed)

693 Mar 10, 2014
Reply by मनोज कुमार सिंह 'मयंक'

"आदरणीय इमरान खान जी  आपको इस अभिव्यक्ति का मर्म पसंद आया.यह जान संतोष हुआ.. नारियों…"

Dr.Prachi Singh replied Mar 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-41 (Now Closed)

693 Mar 10, 2014
Reply by मनोज कुमार सिंह 'मयंक'

"प्रस्तुति पर आपकी उपस्थिति और सराहना के लिए आभारी हूँ आ० लक्ष्मण प्रसाद लड़ीवाला जी "

Dr.Prachi Singh replied Mar 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-41 (Now Closed)

693 Mar 10, 2014
Reply by मनोज कुमार सिंह 'मयंक'

"यह क्षणिका आपको सबसे पसंद आयी जान कर अच्छा लगा  उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद आ० प्रदी…"

Dr.Prachi Singh replied Mar 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-41 (Now Closed)

693 Mar 10, 2014
Reply by मनोज कुमार सिंह 'मयंक'

"आदरणीय नादिर खान जी  बात नज़रिए की तो है ही, साथ ही में समाज में व्याप्त इतने विविध…"

Dr.Prachi Singh replied Mar 9, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-41 (Now Closed)

693 Mar 10, 2014
Reply by मनोज कुमार सिंह 'मयंक'

"धन्यवाद आ० अखंड गहमरी जी "

Dr.Prachi Singh replied Mar 8, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-41 (Now Closed)

693 Mar 10, 2014
Reply by मनोज कुमार सिंह 'मयंक'

"धन्यवाद आ० रमेश कुमार चौहान जी "

Dr.Prachi Singh replied Mar 8, 2014 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-41 (Now Closed)

693 Mar 10, 2014
Reply by मनोज कुमार सिंह 'मयंक'

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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

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