For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sheikh Shahzad Usmani's Discussions (5,135)

Discussions Replied To (4469) Replies Latest Activity

"रचना पटल पर उपस्थित होकर अपनी राय साझा कर अनुमोदन और हौसला अफ़ज़ाई हेतु तहे दिल से ब…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Nov 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97

316 Nov 11, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"रचना पटल पर उपस्थित होकर अनुमोदन और हौसला अफ़ज़ाई हेतु तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Nov 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97

316 Nov 11, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदाब। अनुमोदन सहित अपने विचारों से हमें लाभान्वित और मुझे प्रोत्साहित करने के लिए तह…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Nov 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97

316 Nov 11, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"दीप प्रज्जवलित कर राह दिखाती बहुत ही प्रेरक बेहतरीन रचना हेतु सादर हार्दिक बधाई आदरण…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Nov 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97

316 Nov 11, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"दूसरी प्रस्तुति : रौंदते दोपाये-चौपाये (अतुकान्त) : --------------------------------…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Nov 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97

316 Nov 11, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"'दीप-प्रतीक' (छंदमुक्त/अतुकान्त) :---------------------------------------विशाल द्वीप…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Nov 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97

316 Nov 11, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"बेहतरीन क्षणिकाओं के साथ आग़ाज़ और चौथी क्षणिका हेतु विशेष रूप से हार्दिक बधाई मुहतर…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Nov 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97

316 Nov 11, 2018
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदाब। समस्त  ओपनबुक्सओनलाइनडॉटकॉम-साहित्य-पत्रिका-वेबसाइट-परिवार को दीपावली पर्व  पर…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Nov 6, 2018 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदाब। बेहतरीन टिप्पणी के साथ मेरी हौसला अफ़ज़ाई और बिंदुवार इस्लाह हेतु हार्दिक आभार…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Oct 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-43 (विषय: "आजकल")

221 Oct 31, 2018
Reply by Dr. Vijai Shanker

"मेरी इस प्रविष्टि पर समय देकर मेरी यूं हौसला अफ़ज़ाई के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत शुक…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Oct 31, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-43 (विषय: "आजकल")

221 Oct 31, 2018
Reply by Dr. Vijai Shanker

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service