For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

योगराज प्रभाकर's Discussions (10,563)

Discussions Replied To (8536) Replies Latest Activity

"चाय की चुस्कियों लेते लोगों के- चाय की चुस्कियाँ ले रहे लोगों के = एक ही बात है दोनो…"

योगराज प्रभाकर replied May 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-26 (विषय:सबक़)

579 May 31, 2017
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"बहुत ही कुशलता से प्रदत्त विषय को इस लघुकथा के माध्यम से परिभाषित किया है जानकी वाही…"

योगराज प्रभाकर replied May 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-26 (विषय:सबक़)

579 May 31, 2017
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"बहुत बढ़िया लघुकथा हुई है भाई रवि जी, कथा आँखों के सामने चलचित्र की भाँती चलती हुई प्…"

योगराज प्रभाकर replied May 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-26 (विषय:सबक़)

579 May 31, 2017
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"ज़िंदगी विद Z"

योगराज प्रभाकर replied May 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-26 (विषय:सबक़)

579 May 31, 2017
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"बहुत अच्छी लघुकथा है भाई सुनील वर्मा जी, बधाई प्रेषित हैI "

योगराज प्रभाकर replied May 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-26 (विषय:सबक़)

579 May 31, 2017
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"दिशा चाय की गुमटी के आसपास काफी चहल पहल थी, चाय की चुस्कियों लेते लोगों के ठहाकों के…"

योगराज प्रभाकर replied May 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-26 (विषय:सबक़)

579 May 31, 2017
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"इस लघुकथा को स्थान/पात्रों के नाम व धर्म के बगैर लिख कर देखें भाई राज्यवर्धन जीI रचन…"

योगराज प्रभाकर replied May 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-26 (विषय:सबक़)

579 May 31, 2017
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"लाल हुई आंखे मलता रघु बोला ।=लाल हुई आंखे मलता हुआ रघु बोला । ठंडी आह भरते रामचरन ने…"

योगराज प्रभाकर replied May 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-26 (विषय:सबक़)

579 May 31, 2017
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"एक बार किस्मत आजमाने की गरज़ से=आज़माने दरवाजे़ पर अतिरिक्त जोर लगाकर आवाज दी=आवाज़ एक…"

योगराज प्रभाकर replied May 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-26 (विषय:सबक़)

579 May 31, 2017
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"मुन्ना के बीना मैं छुट्टी की अर्जी डाल देता हूँ । तुम्हें खुद छोड आउँगा।" बगीचे आदी…"

योगराज प्रभाकर replied May 30, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-26 (विषय:सबक़)

579 May 31, 2017
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Feb 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service