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Dr.Prachi Singh's Discussions (3,905)

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"आपका भी स्वागत है आदरणीय मुख्य प्रबंधक महोदय "

Dr.Prachi Singh replied Sep 8, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 35 (Now Closed)

744 Sep 9, 2013
Reply by AVINASH S BAGDE

"ओबीओ लाइव महोत्सव अंक ३५, में सभी सुधि जनो का हार्दिक स्वागत है "

Dr.Prachi Singh replied Sep 8, 2013 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 35 (Now Closed)

744 Sep 9, 2013
Reply by AVINASH S BAGDE

"आदरणीया अन्नापूर्णा बाजपेई जी  माह अगस्त की सक्रिय सदस्या का सम्मान प्राप्त करने के…"

Dr.Prachi Singh replied Sep 4, 2013 to एक घोषणा:-महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)

1065 Dec 3, 2016
Reply by सुरेश कुमार 'कल्याण'

"आदरणीय सौरभ जी और वीनस जी को बहुत बहुत शुभकामनाएँ  "

Dr.Prachi Singh replied Sep 3, 2013 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"बहुत खूबसूरत गज़ल  बहुत बहुत बधाई अजय जी "

Dr.Prachi Singh replied Aug 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-38

1040 Aug 30, 2013
Reply by अरुण कुमार निगम

"बहुत खूबसूरत गज़ल आ० राजेश कुमारी जी  दिली दाद क़ुबूल कीजिये ... और  // खुदा  करे ग़ाल…"

Dr.Prachi Singh replied Aug 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-38

1040 Aug 30, 2013
Reply by अरुण कुमार निगम

"सुन्दर गज़ल कही है आ० शिज्जू जी  हार्दिक शुभकामनाएँ "

Dr.Prachi Singh replied Aug 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-38

1040 Aug 30, 2013
Reply by अरुण कुमार निगम

"सुन्दर गज़ल प्रयास प्रिय वंदना जी  हार्दिक शुभकामनाएँ "

Dr.Prachi Singh replied Aug 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-38

1040 Aug 30, 2013
Reply by अरुण कुमार निगम

"बहुत खूबसूरत गज़ल पेश की है प्रिय गीतिका जी  गिरह के अंदाज नें मोह लिया ..बहुत सुन्दर…"

Dr.Prachi Singh replied Aug 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-38

1040 Aug 30, 2013
Reply by अरुण कुमार निगम

"अपने घर वालों के खातिर तो हो मुर्गा मछली मेरे घर वाले गर आ जाएँ तो चाए न बने........…"

Dr.Prachi Singh replied Aug 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-38

1040 Aug 30, 2013
Reply by अरुण कुमार निगम

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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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