For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

वेदिका's Discussions (1,371)

Discussions Replied To (1041) Replies Latest Activity

"दास्तानें गम सुनी तो सबकी आँखें भर गयी/ बेहद मर्मस्पर्शी बधाई गुलशन जी!"

वेदिका replied Aug 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"बधाई हेतु शुक्रिया आ० आशीष जी! स्नेह बना रहे। सादर!!"

वेदिका replied Aug 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"आ० नीलेश जी! सादर नमन! आप जैसे अजीम शायर से दाद पाने का मतलब ही यह कि गजल लिखना सार्…"

वेदिका replied Aug 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"आपकी बधाई स्वीकारते हुए हर्षातिरेक हूँ आ० कल्पना दीदी!"

वेदिका replied Aug 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"आपके आशीष का भावभीना वन्दन करती हूँ आदरणीय प्रधान सम्पादक जी! सादर!!"

वेदिका replied Aug 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"रह गया बाकी नही कुछ भी तुझे पाने के बाद हो गये रोशन दिए घर में तेरे आने के बाद ~ बाग़…"

वेदिका replied Aug 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" गोल्डन जुबली अंक (Now Closed)

1303 Aug 31, 2014
Reply by Amit Kumar "Amit"

"आ0 तिलक राज जी को जन्म दिवस की हज़ार लाख शुभकामनाएं सादर!"

वेदिका replied Jul 26, 2014 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

प्रधान संपादक

"श्रम साध्य कर्म को शीघ्रता से सम्पन्न किया। अनन्य शुभकामना प्रेषित है आदरणीय प्रधान…"

वेदिका replied Jul 20, 2014 to "ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक-39 की सभी स्वीकृत रचनाएँ

12 Jul 28, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बधाई एवं शुभकामनाएं आदरणीय धामी जी!"

वेदिका replied Jul 8, 2014 to एक घोषणा:-महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)

1065 Dec 3, 2016
Reply by सुरेश कुमार 'कल्याण'

प्रधान संपादक

""आज करे सो अब" .... अरे वाह! आश्चर्यचकित हूँ और कृतज्ञ भी आदरनीय!  "

वेदिका replied Jun 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48 में प्रस्तुत सभी रचनाएँ

23 Jul 19, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
23 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
23 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service