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"प्रिय सीमा सिंह जी ,आपकी प्रतिक्रिया से अभिभूत हूँ आपको लघु कथा की शैली पसंद आई मेरा…"

rajesh kumari replied Jan 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आद० तेजवीर सिंह जी ,आपको लघु कथा पसंद आई बहुत बहुत आभार आपका सादर ."

rajesh kumari replied Jan 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आद० समर भाई जी,आपको लघु कथा पसंद आई मेरा लिखना सफल हुआ तहे दिल से बहुत बहुत शुक्रिया…"

rajesh kumari replied Jan 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"मोहतरम जनाब तस्दीक साहब लघु कथा पर आपका अनुमोदन पाकर मुग्ध हूँ दिल से बहुत बहुत शुक्…"

rajesh kumari replied Jan 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आद० डॉ० गोपाल भाई ,आपको लघु कथा पसंद आई दिल से बहुत- बहुत  शुक्रिया ."

rajesh kumari replied Jan 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"समसामयिक लघु कथा लिखी है आपने आद० मनन जी पढ़ते वक़्त जो बात मेरे भी दिमाग में आ रही थी…"

rajesh kumari replied Jan 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"ओह्ह्ह्हह ऐसा झन्नाटे दार अंत सोचा ही नहीं था ..यही पञ्च लाइन इस लघु कथा को ऊंचाइयों…"

rajesh kumari replied Jan 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"परंपरा संस्कार के किले आज की भौतिक वाद में फँसी प्रगतिशील पीढी जिनकी संवेदनाएं भी खत…"

rajesh kumari replied Jan 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"क्या खोट रह गयी मेरी परवरिश में ?न जाने कितने माँ बाप आज इस बात को दोहराते हैं लेकिन…"

rajesh kumari replied Jan 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"एक असफल मुहब्बत का दर्द बहुत सुन्दरता से शाब्दिक किया है आपने मोहतरम तस्दीक जी बहुत…"

rajesh kumari replied Jan 31, 2017 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-22 (विषय: ढहते क़िले का दर्द)

827 Jan 31, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

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