For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Nilesh Shevgaonkar's Discussions (1,981)

Discussions Replied To (1968) Replies Latest Activity

"बहुत खूब जहां किसी "नश्तर" के के सिवा कुछ और नहीं.. मगर ग़ज़ल तो बहर के सिवा कुछ और नह…"

Nilesh Shevgaonkar replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"उम्दा भावो से सजी हुई गजल है ..बह्र, शह्र, ज़ह्र आदि "काफ़िये" मूल काफ़िये से भिन्न हैं…"

Nilesh Shevgaonkar replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"बहुत खूब शिज्जू जी .. एक से बढ़कर एक ..आपकी गजलो में डूबने का भी अपना ही लुत्फ़ है ..ब…"

Nilesh Shevgaonkar replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"क्या बात है ..क्या बात है ..बहुत खूब  "

Nilesh Shevgaonkar replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आह वाह ..क्या खूब और मक्ते का क्या कहना. वाह सर बहुत खूब  "

Nilesh Shevgaonkar replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"प्यार, ख़ुमार से होती हुई सूप से आगे ..बियर पे खत्म होती ग़ज़ल ..क्या कहने .. सम्पूर्ण…"

Nilesh Shevgaonkar replied Jun 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-48

657 Jun 28, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी , मेरी ग़ज़ल के चौथे शेर में थोड़ी तरमीम की थी ....वो शेर बा…"

Nilesh Shevgaonkar replied Dec 1, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा अंक 41 में सम्मिलित सभी गज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

35 Apr 26, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"सही "से" कर दिया "

Nilesh Shevgaonkar replied Nov 30, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 41 (Now Closed)

697 Nov 30, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"हाँ आप का कहना सही है ... मेरा भी मन तो हुआ था ऐसा ही कहने को लेकिन आज के मुशायरे के…"

Nilesh Shevgaonkar replied Nov 30, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 41 (Now Closed)

697 Nov 30, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"या तो दिल किसी मिले नहीं या मिले अगर तो जुदा न हो ..........को या तो दिल किसी से मिल…"

Nilesh Shevgaonkar replied Nov 30, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 41 (Now Closed)

697 Nov 30, 2013
Reply by Saurabh Pandey

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूसबिना कमीशन आजकल, कब होता है काम ।कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।।घास घूस…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Sunday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"ग़ज़ल   बह्र ए मीर लगता था दिन रात सुनेगा सब के दिल की बात सुनेगा अपने जैसा लगता था…"
Feb 14
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'

बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
Feb 14
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
Feb 14
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"दोहा एकादश. . . . . दिल दिल से दिल की कीजिये, दिल वाली वो बात । बीत न जाए व्यर्थ के, संवादों में…"
Feb 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service