For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Dr.Prachi Singh's Discussions (3,905)

Discussions Replied To (2539) Replies Latest Activity

"रोटी पर राजनैतिक परिपेक्ष्य में बहुत प्रभावी लघुकथा हुई है... बन्दर की  खीं खीं का ज…"

Dr.Prachi Singh replied Nov 30, 2022 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30, 2022
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"वाह !राजनीति ने समाज में हर इकाई को किस कदर तमाशबीन बना दिया है कि रोटी जैसा सबसे आव…"

Dr.Prachi Singh replied Nov 30, 2022 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30, 2022
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

" "गुरुजी जी आपको जितना मारना है मार लीजिये लेकिन सुरेश का उदाहरण मत दीजिये।..... आह…"

Dr.Prachi Singh replied Nov 30, 2022 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30, 2022
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"//इंसान तो बस भगवान के भरोसे था और भगवान कुछ बड़े या ख़ास लोग ही बने हुए थे// कैसी वि…"

Dr.Prachi Singh replied Nov 30, 2022 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30, 2022
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"वाह !बहुत सुन्दर गीत हुआ है आ० प्रतिभा जी सचमुच उदासी की स्याह रातों को पीछे छोड़ रंग…"

Dr.Prachi Singh replied Mar 13, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-137

37 Mar 13, 2022
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"कथ्य सुन्दर है पर शिल्प पर थोड़ा और ध्यान दें आदरणीय थोड़े से ही प्रयास से शिल्प सधने…"

Dr.Prachi Singh replied Mar 13, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-137

37 Mar 13, 2022
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"बहुत सुन्दर प्रयास ग़ज़ल कहने का कहन लाजवाब है बहुत बहुत बधाई स्वीकारें आ० चेतन जी "

Dr.Prachi Singh replied Mar 13, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-137

37 Mar 13, 2022
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"मतले में ही होली का आनंद आ गया ... हाहाहा टूटे तारों को जोड़ने के भी क्या कहनेबहुत सु…"

Dr.Prachi Singh replied Mar 13, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-137

37 Mar 13, 2022
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"पसर रहा है मौन पलक पर, सपनों नें चादर तानी है अपने ही घट भीतर बहती, श्वास-श्वास तक…"

Dr.Prachi Singh replied Jun 13, 2020 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-116

82 Jun 14, 2020
Reply by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव

"बहुत खूबसूरत तुकांत कविता आ० छोटेलाल सिंह जी बहुत बहुत बधाई "

Dr.Prachi Singh replied Dec 15, 2019 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-110

27 Dec 15, 2019
Reply by sunanda jha

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Feb 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service