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धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Discussions (2,689)

Discussions Replied To (2130) Replies Latest Activity

"आदरणीय गिरिराज जी, अच्छी ग़ज़ल हुई है। दाद कुबूल कीजिए।"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-69

668 Mar 26, 2016
Reply by Dr.varsha choubey

"वाह आदरणीय शिज्जू जी। बहुत खूब ग़ज़ल पेश की है आपने। बहुत बहुत बधाई "

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-69

668 Mar 26, 2016
Reply by Dr.varsha choubey

"बहुत ख़ूब आदरणीय समर साहब। ख़ूबसूरत अश’आर से सजी इस ग़ज़ल  के लिए दाद कुबूल कीजिए।"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-69

668 Mar 26, 2016
Reply by Dr.varsha choubey

"अच्छी ग़ज़ल हुई है आदरणीय पंकज जी। बाकी अजीत साहब कह चुके हैं। दाद कुबूल कीजिए।"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-69

668 Mar 26, 2016
Reply by Dr.varsha choubey

"बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है आदरणीय नीलेश जी। एक एक शे’र की तारीफ़ करने को जी चाहता है। दिली…"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Mar 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-69

668 Mar 26, 2016
Reply by Dr.varsha choubey

प्रधान संपादक

"सभी रचनाकारों को इन शानदार लघुकथाओं के लिए बहुत बहुत बधाई और कार्यक्रम की अपार सफलता…"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Feb 2, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-10 में स्वीकृत रचनाएँ

70 Feb 18, 2016
Reply by योगराज प्रभाकर

"आदरणीय सौरभ जी बहुत बुहुत बधाई इस उपलब्धि पर"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Feb 1, 2016 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"विनम्र श्रद्धांजलि!"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Jan 5, 2016 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदरणीय गिरिराज जी, ख़ूबसूरत अश’आर से सजी इस ग़ज़ल के लिए दाद कुबूल कीजिए।"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Aug 21, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

"आदरणीय मनोज जी, बढ़िया अश’आर हुए हैं, शेर दर शेर दाद हाज़िर है"

धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied Aug 21, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-62

440 Aug 22, 2015
Reply by shree suneel

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दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
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"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
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Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
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