For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

pratibha pande's Discussions (4,643)

Discussions Replied To (3202) Replies Latest Activity

"देशप्रेम के ज़ज्बे से ओतप्रोत रचना बहुत प्रभाव शाली है ,,प्रदत्त विषय से पूरा पूरा न्…"

pratibha pande replied Sep 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-18 (विषय: पर्दे के पीछे)

612 Sep 30, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"  स्वयंभू नेता कल्याण  मुद्दे भड़काने  के लिए पर्दे के पीछे से अपने आकाओं से  पैसे ले…"

pratibha pande replied Sep 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-18 (विषय: पर्दे के पीछे)

612 Sep 30, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"‘तमाचा’   सड़क की तरफ खुलने वाली खिड़की कम्मो आजकल  कम ही खोलती थी  क्योंकि  उस तरफ दी…"

pratibha pande replied Sep 29, 2016 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-18 (विषय: पर्दे के पीछे)

612 Sep 30, 2016
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

" ' महीने का सक्रीय सदस्य'  सम्मान पाने के लिए आपको हार्दिक बधाई प्रेषित करती हूँ आदर…"

pratibha pande replied Sep 19, 2016 to एक घोषणा:-महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)

1065 Dec 3, 2016
Reply by सुरेश कुमार 'कल्याण'

"आपकी रचना को मिले इस सम्मान के लिए आपको ढेरों  बधाई आदरणीय सुशील सरना जी ..आपकी हर ए…"

pratibha pande replied Sep 19, 2016 to रचनाओं को सम्मानित करने की एक अनूठी पहल @ महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना ( Best Creation of the Month )

871 Oct 14, 2023
Reply by rohit mitro

"परिभाषायें, मुहावरे बदले,धर्म, कर्म के चोले बदले,मनचाहे फल की चाह में,स्वर्ग-नरक के…"

pratibha pande replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"साफ़ मन हो पाक़ दिल हो ख़ास फ़ितरत चाहिए फ़र्क क्या पड़ता बशर के काले गोरे चर्म से....वाह.…"

pratibha pande replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"हार्दिक आभार आदरणीय सतीश जी "

pratibha pande replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

" रचना आपको प्रभावित कर पाई ,मेरा लिखना सार्थक हुआ . उत्साहवर्धन करती टिप्पणियों से र…"

pratibha pande replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आपका हार्दिक आभार आदरणीय डॉ विजय शंकर जी ...सादर "

pratibha pande replied Sep 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-71

562 Sep 10, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
10 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
13 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service