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सतविन्द्र कुमार राणा's Discussions (3,238)

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"आपकी हर रचना दिल को छू जाती है। डरे हुओं से कहो छिप के बैठ जायें कहीं इशारा हौसला मन…"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वाह्ह्ह्ह्ह्!उम्दा भाव उकेरे हैं आपने इस प्रस्तुति में।हार्दिक बधाई आदरणीय पंकज जी।"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बेहतरीन ग़ज़ल कही है।आदरणीय शकूर सर।दाद क़बूल फ़रमाएं।"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"गुलाब ख़ार खिले है चमन में दोनों ही सवाल ये है कि वक़्फा तो हो ठहरने का भावपूर्ण ग़ज़ल…"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"सब अपनी अपनी सियासत में मुब्तिला हैं यहाँ है किसको दर्द ग़रीबे वतन के मरने का बेहतरीन…"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"हमें तो साथ ही जीना है और मरना भी यही उसूल है दुनिया में प्यार करने का वाह्ह्ह्ह्…"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"वो शख्स अपने बिगड़ने का क्या करे शिकवा, मिला नहीं जिसे मौका कभी सुधरने का. वाह्ह्ह्ह…"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"बहुत ख़ूब ग़ज़ल कही है आपने।दिल से दाद हाज़िर है।"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"उम्दा भावनाएं।बहुत बहुत बधाई"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Dec 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"गृहस्थ मोह से उपराम हो गए लेकिन निवृत्ति नाम है संसार से विचरने का बहुत बहुत सुंदर…"

सतविन्द्र कुमार राणा replied Dec 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-66

700 Dec 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

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