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Dr.Prachi Singh's Discussions (3,905)

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" ग़ज़ल लिखने की बढ़िया कोशिश की है सुरेश जी, हार्दिक दाद क़ुबूल करे. "

Dr.Prachi Singh replied Jan 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक ३१ (Now Closed)

561 Jan 29, 2013
Reply by वीनस केसरी

"बढ़िया ग़ज़ल है अविनाश जी, यह शेर ख़ास तौर पर पसंद आया  फ़ना  हो  गई  जिंदगी  कब  न  जान…"

Dr.Prachi Singh replied Jan 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक ३१ (Now Closed)

561 Jan 29, 2013
Reply by वीनस केसरी

"समय देखिये अब उजाले फिसलते हया छटपटाती  यहाँ दिन के ढलते !..........बहुत सुन्दर शब्द…"

Dr.Prachi Singh replied Jan 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक ३१ (Now Closed)

561 Jan 29, 2013
Reply by वीनस केसरी

"आदरणीया सुमन जी, बेहतर होता यदि आप ग़ज़ल की कक्षा में हो आयी होती., या ग़ज़ल की बाते ही…"

Dr.Prachi Singh replied Jan 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक ३१ (Now Closed)

561 Jan 29, 2013
Reply by वीनस केसरी

"बहुत खूब! बहुत खूब ! दूसरी ग़ज़ल, तो पहली पर भी भारी है आदरणीया  हर शेर लाजवाब है, सच…"

Dr.Prachi Singh replied Jan 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक ३१ (Now Closed)

561 Jan 29, 2013
Reply by वीनस केसरी

"सुन्दर ग़ज़ल आ. आशीष जी  महकती मेरे गाँव की मिट्टी अब भी,कभी लेती आना हवा तू निकलते ।.…"

Dr.Prachi Singh replied Jan 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक ३१ (Now Closed)

561 Jan 29, 2013
Reply by वीनस केसरी

"बहुत बढ़िया ग़ज़ल आदरणीय शरीफ अहमद जी  मोहब्बत हे मुझसे तो कह दो किसी दिन इशारे से छत प…"

Dr.Prachi Singh replied Jan 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक ३१ (Now Closed)

561 Jan 29, 2013
Reply by वीनस केसरी

"सुन्दर ग़ज़ल आ. गणेश जी, यह दो शेर विशेष रूप से पसंद आये  न छोडे कभी जो भलाई का दामन,र…"

Dr.Prachi Singh replied Jan 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक ३१ (Now Closed)

561 Jan 29, 2013
Reply by वीनस केसरी

"आ. संदीप जी, सुन्दर ग़ज़ल के लिए दाद पेश है  ये दो शेर ख़ास तौर पर बहुत पसंद आये  अकेला…"

Dr.Prachi Singh replied Jan 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक ३१ (Now Closed)

561 Jan 29, 2013
Reply by वीनस केसरी

"आदरणीय संजीव जी, बहुत सुन्दर गजल .. दलो दाल छाती पे निश-दिन हमारी. रहो बाँह में साँझ…"

Dr.Prachi Singh replied Jan 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक ३१ (Now Closed)

561 Jan 29, 2013
Reply by वीनस केसरी

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