For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Rana Pratap Singh's Discussions (2,359)

Discussions Replied To (2014) Replies Latest Activity

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय समर साहब आदाब , आपने सही फरमाया जनाब अशफाक अली साहब का मतला दोषपूर्ण है इसे इ…"

Rana Pratap Singh replied Aug 5, 2018 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक 77 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

4 Aug 5, 2018
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय रवि जी आप जो मतला समझ रहे हैं वह फ़िराक साहब की ही दूसरी ग़ज़ल का है और तरही मिस…"

Rana Pratap Singh replied Jun 12, 2018 to "OBO लाइव तरही मुशायरे"/"OBO लाइव महा उत्सव"/"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता के सम्बन्ध मे पूछताछ

214 Jan 23, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"मुशायरे में शिरकत और प्रतिक्रया देनेवाले सदस्यों का तहे दिल से शुक्रिया|"

Rana Pratap Singh replied Apr 29, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"सर कई बार मोबाईल तो रहता है पर नेटवर्क नहीं रहता ....फिर भी मैं अपना आलस्य स्वीकारता…"

Rana Pratap Singh replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"यह लकीर मिटाना नहीं भाषा के साथ खिलवाड़ है , दिलासा फारसी का शब्द है तो इसके साथ हिंद…"

Rana Pratap Singh replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"जनाब सुरेंदर इंसान साहिब खूबसूरत ग़ज़ल के लिए दाद कबूल कीजिये|"

Rana Pratap Singh replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"आदरणीय पंकज जी ग़ज़ल के लिए ढेर सारी दाद और मुबारकबाद कबूल फरमाएं|"

Rana Pratap Singh replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"आदरणीय हर्ष महाजन साहब बाकमाल ग़ज़ल कही है ..शेर दर शेर दाद कबूल कीजिये|"

Rana Pratap Singh replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"आदरणीया मंजीत कौर साहिबा ..ग़ज़ल का बेहतरीन प्रयास हुआ है ,,समर कबीर साहब की बातों पर…"

Rana Pratap Singh replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

"आदरणीय लक्ष्मण धामी साहब ग़ज़ल पेश करने के लिए मुबारकबाद .. अच्छे शेर कहे हैं दाद कबूल…"

Rana Pratap Singh replied Apr 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-94

365 Apr 29, 2018
Reply by Rana Pratap Singh

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
20 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service