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pratibha pande's Discussions (4,643)

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"कोठी-बखारी खाली-खालीकिसानी को लगी बीमारीखेती से नहीं कोई आसकहाँ गया हलधर का भोरनहीं…"

pratibha pande replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"प्रदत्त विषय पर सार्थक सशक्त प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई प्रेषित है आदरणीय मनन कुम…"

pratibha pande replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"हो जायेगा बेसुरा ,तेरा जीवन राग| मनुज अभी भी वक़्त है ,जाग सके तो जाग||...... बहुत सश…"

pratibha pande replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"क़ुदरत में दख़्ल और न अपना बढ़ाइए । हो जाएगी तबाह ये दुनिया बचाइए ।   रुकते नहीं हैं ज़ल…"

pratibha pande replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"प्रकृति से जीवन ,प्रकृति में जीवन ,प्रकृति से उदय ,प्रकृति में विलय .....,सारी बातों…"

pratibha pande replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"हैं वृक्ष आभूषण धरती केमत छीनो मानव मत छीनो।खुद ही जिस में तुम फँस जाओवो जाल तो बिलक…"

pratibha pande replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"      अनीति, अनाचार में आकंठ डूबकर.. .. पहले प्रकृति प्रदत्त नीर समीर प्रदूषित करते…"

pratibha pande replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"प्रदत्त विषय को बड़े ही सूक्ष्म आयाम में खोला है आपने , ब्रह्माण्ड में जो कुछ होता है…"

pratibha pande replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"मानव जन्म मिला है फिर भी, दानव जैसा कर्म किया है।                                   …"

pratibha pande replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"नियति   कार्बन की कालिख पुता चेहरा लिए छाती पकड़े हाँफता अक्सर दिख जाता है किसी कटे प…"

pratibha pande replied Jun 10, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

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Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
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Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
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'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
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"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
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"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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