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"उम्दा ग़ज़ल हुई है आ० अशोक कुमार रक्ताले जी, हार्दिक बधाई.  "

योगराज प्रभाकर replied Jun 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

""ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" में प्रति सदस्य अधिकतम एक ग़ज़ल ही प्रस्तुत की जा सकेगी …"

योगराज प्रभाकर replied Jun 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"अच्छी ग़ज़ल है भाई गुमनाम पिथौरागढ़ी जी, बधाई स्वीकारेंI //तू साथ मेरे थी तो मुकम्मल र…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"अच्छी ग़ज़ल कही है भाई महेंद्र कुमार जी, बधाई हाज़िर हैI //पहली दफ़ा मिली ग़मे आवारगी हम…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"अच्छी ग़ज़ल है अहमद हसन जी, बधाई स्वीकारेंI "गट गया" के इलावा मतले में "चट गया" भी दुर…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"ग़ज़ल कहने का प्रयास तो काबिल-ए-तारीफ है मोहतरमा हरकीरत हीर साहिबा, मगर नाकाफी हैI ग़ज़ल…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"//पन्ने कई मरोड़ के फेंके ज़मीन परनाक़ामियों से जैसे ये कमरा ही पट गया// वाह वाह, बहुत…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"आ० कालीपद प्रसाद मंडल जी, ग़ज़ल कहने का सद्प्रयास हुआ हैI लेकिन अधिकाँश शेअर वज्न और ब…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"//लम्हे ज़रा सुकून के क्या वक़्त ने दिए,झोंका तुम्हारी याद का वो भी झपट गया// वाह वाह…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

"वाह वाह वाह, क्या कहने हैं आ० तस्दीक अहमद खान साहिबI जिंदाबाद गज़ल हुई है, सभी अशआर प…"

योगराज प्रभाकर replied Jun 25, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

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Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
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"बेशक। सच कहा आपने।"
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Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब।‌ नववर्ष की पहली गोष्ठी में मेरी रचना पर आपकी और जनाब मनन कुमार सिंह जी की टिप्पणियों और…"
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