For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Dr Ashutosh Mishra's Discussions (502)

Discussions Replied To (485) Replies Latest Activity

"आदरणीय गिरिराज भाईसाब  माहो खुर्शीद यूँ झुक कर नहीं देखे जाते हक़ ज़मीनी कभी  उड़ कर नह…"

Dr Ashutosh Mishra replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"प्रिय कृष्णा जी ... तिश्नलब हो के  समंदर नही देखे जाते फ़ासले पास में रहकर नहीं देखे…"

Dr Ashutosh Mishra replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"आदरणीय सुनील जी इस शानदार ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई सादर "

Dr Ashutosh Mishra replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"आदरणीय दिनेश जी ..हर शेर उम्दा है .चाह जीने की नहीं, ख़्वाब हैं रेज़ा रेज़ामौसम-ए-हिज्र…"

Dr Ashutosh Mishra replied Jun 26, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"आदरणीय दिनेश जी ..हर शेर उम्दा है उर्दू के शब्दों का प्रयोग मन को मुग्ध करने वाला है…"

Dr Ashutosh Mishra replied Apr 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-58

328 Apr 25, 2015
Reply by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri

"आदरणीय नूर जी ...ऐसा लग रहा है आपकी ग़ज़ल नहीं हो बल्कि भावों की कोई नदी हो ..हर शे र…"

Dr Ashutosh Mishra replied Apr 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-58

328 Apr 25, 2015
Reply by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri

"आदरणीय समर कबीर जी ..सरल सहज शब्दों में सार्थक सन्देश देती इस लिखने को सादर नमन  जो…"

Dr Ashutosh Mishra replied Apr 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-58

328 Apr 25, 2015
Reply by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri

"आदरणीय मोहन बेगोवाल जी ,,रचना पर आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए ह्रदय से आभारी…"

Dr Ashutosh Mishra replied Apr 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-58

328 Apr 25, 2015
Reply by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri

"आदरणीय नूर जी .आपकी उत्साहित करती प्रतिक्रिया के लिए तहे दिल धन्यवाद ..आदरणीय समर जी…"

Dr Ashutosh Mishra replied Apr 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-58

328 Apr 25, 2015
Reply by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri

"आदरणीय एडमिन महोदय कृपया पहला और दूसरा शेर परिवर्तित करने की कृपा करें सादर  यूं ही…"

Dr Ashutosh Mishra replied Apr 25, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-58

328 Apr 25, 2015
Reply by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
19 minutes ago
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
5 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
5 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
5 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"मेरा प्रयास आपको अच्छा और प्रेरक लगा। हार्दिक धन्यवाद हौसला अफ़ज़ाई हेतु आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service