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"आदरणीय अखिलेश भाईजी, आपने जिस सहजता से मेरी प्रस्तुति के मर्म को शब्द दिये हैं, वह र…"

Saurabh Pandey replied Feb 14, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"आदरणीय गिरिराज भाईजी, अतुकान्त ढंग से कही गयी कविताओं को वस्तुतः मैं वैचारिक कविताएँ…"

Saurabh Pandey replied Feb 14, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"सीधे-सादे बोल में युवाओं के व्यवहार में व्यापती अराजकता पर अच्छा कटाक्ष हुआ है, आदरण…"

Saurabh Pandey replied Feb 14, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"आदरणीय अखिलेश भाई, हम आप अब एक अरसे से दोहा छन्द पर काम कर रहे हैं. अतः मेरा संकेत अ…"

Saurabh Pandey replied Feb 14, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
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"जी भर कर बरसना चाहता है आसमानबेहया चटक ’पनसोखा’लेकिन बार-बार उग आता है..ठीक सामने..श…"

Saurabh Pandey replied Feb 14, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"हाँ, सही पकड़ में आयी है. अवश्य सुधार करें. "

Saurabh Pandey replied Feb 14, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"बहुत खूब ! संशोधन से यह पंक्ति कुछ और अर्थवान हो गयी आदरणीय मिथिलेश भाई. शुभ-शुभ "

Saurabh Pandey replied Feb 14, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
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"सांसारिकता के गठन में धागे के महत्त्व का बखान करती इस रचना के लिए हार्दिक बधाई, आदरण…"

Saurabh Pandey replied Feb 14, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"अनुज महर्षिजी, प्रयासरत रहें. आपकी सहभागिता के लिए हार्दिक धन्यवाद तथा अनेकानेक शुभक…"

Saurabh Pandey replied Feb 14, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

"अपनी छुटकी की बातें इतनी गहन ! इतनी सान्द्र ! महिमा श्री दिल से बधाइयाँ. मन भर आया ह…"

Saurabh Pandey replied Feb 14, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महाउत्सव" अंक-52

901 Feb 14, 2015
Reply by maharshi tripathi

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