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Chetan Prakash's Discussions (714)

Discussions Replied To (572) Replies Latest Activity

"टूट जाय़ेंगे मरासिम न भरोसा करना। दोस्त दे जायें सुकूँ न ये इरादा करना।। मानते हो कि…"

Chetan Prakash replied Mar 25, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-141

92 Mar 26, 2022
Reply by Saurabh Pandey

"आदाब, अमुरुद्दीन् अमीर साहब, तकनीकी नज़र से कहूँ तो मुझे आपके कलाम में कोई दोष नहीं…"

Chetan Prakash replied Mar 25, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-141

92 Mar 26, 2022
Reply by Saurabh Pandey

"आदाब, अच्छा कलाम है, तस्दीक अहमद खान साहब!"

Chetan Prakash replied Mar 25, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-141

92 Mar 26, 2022
Reply by Saurabh Pandey

"आदाब, छोटी लेकिन बहुत खूबसूरत ग़ज़ल कही आपने, सु श्री रिचा यादव जी ! बधाई स्वीकार कर…"

Chetan Prakash replied Mar 25, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-141

92 Mar 26, 2022
Reply by Saurabh Pandey

"आ. सालिक साहब खूबसूरत ग़ज़ल कही, आपने बधाई !"

Chetan Prakash replied Mar 25, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-141

92 Mar 26, 2022
Reply by Saurabh Pandey

"आ. भाई मुसाफिर साहब अच्छी ग़ज़ल कही आपने ! किन्तु मुझे शे'र (3 ) और ( 4 ) में सुधार…"

Chetan Prakash replied Mar 25, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-141

92 Mar 26, 2022
Reply by Saurabh Pandey

"आ. सु श्री प्रतिभा  पाण्डे जी, सुन्दर किन्तु  संक्षिप्त  गीत की सर्जना हुई है, बधाई…"

Chetan Prakash replied Mar 13, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-137

37 Mar 13, 2022
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

" गुणीजन द्वय के आदेश के अनुपालन में अपनी मौलिक  ग़ज़ल  का संशोधित  स्वरूप  एतद्वारा…"

Chetan Prakash replied Mar 13, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-137

37 Mar 13, 2022
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आ. आपने कदाचित  मेरा  ग़ज़ल के टिप्पणी विभाग  मे कमेंट  नहीं  पढ़ा, मतला का टंकण त्र…"

Chetan Prakash replied Mar 13, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-137

37 Mar 13, 2022
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"कुण्डलिया छंद  : होली        ( 1 ) होली  होती  पूर्णिमा, फागुनी जब बहार । सुलगने  ल…"

Chetan Prakash replied Mar 13, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-137

37 Mar 13, 2022
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

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"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
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"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Sushil Sarna posted a blog post

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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
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