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दिगंबर नासवा's Discussions (471)

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"Bahut achhe bhaav se sajaaya hai is gazal ko ... kaheen kaheen bhahar thoda bhataki…"

दिगंबर नासवा replied Feb 23, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-८ ( Now closed )

380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"जीवन मृत्यू इस संसार का खेला लगता है  जिस्म हमारा मिट्टी का इक ढेला लगता है  बारिश…"

दिगंबर नासवा replied Feb 23, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-८ ( Now closed )

380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"नारे वादे  धरे रह गये खुली तुम्हारी पोल , इस चुनाव में तुम खाओगे ढेला लगता है  वाह अ…"

दिगंबर नासवा replied Feb 23, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-८ ( Now closed )

380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"नफरत के शोले धधकाकर, आग बर्फ में लगा रहा.छुरा पीठ में भोंक पड़ोसी, गद्दारी को प्यार क…"

दिगंबर नासवा replied Feb 23, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-८ ( Now closed )

380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"इक घर में रह कर भी बरसों आपस में मिल ना पायें, पर धन की दुनिया इनको ही आज सफ़ल परिवार…"

दिगंबर नासवा replied Feb 23, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-८ ( Now closed )

380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"रंग बिरंगे झूठों से सजती हैं दूकानें सच्चाई का सड़क किनारे ठेला लगता है बहुत खूब धर्म…"

दिगंबर नासवा replied Feb 23, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-८ ( Now closed )

380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"उसका सुख मेरा भी सुख है उसका दुःख मेरा दुःख है  इक दूजे पर हम हों अर्पण मन का इक इक…"

दिगंबर नासवा replied Feb 23, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-८ ( Now closed )

380 Feb 26, 2011
Reply by वीनस केसरी

"Salil ji ..... 3-5-3- maatraon ke chand ko kya kahte hain ... kya unhe bhi haaikoo k…"

दिगंबर नासवा replied Feb 1, 2011 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४-(Closed Now)

584 Feb 3, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"Dhanywaad dharmendar ji ..."

दिगंबर नासवा replied Feb 1, 2011 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४-(Closed Now)

584 Feb 3, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"Salil ji ... in 6 rangon ko to unke anuroop hi likha hai aapne ... shabdon se mousam…"

दिगंबर नासवा replied Feb 1, 2011 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक- ४-(Closed Now)

584 Feb 3, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

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