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rakesh gupta's Discussions (506)

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"मुझको जो पहचान सका वो मेरा है मैं उसकी हूँ सबसे पहले मैं तो मैं हूँ फिर मैं चाहे जिस…"

rakesh gupta replied Dec 2, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"दिनवां त कटी जाला रतिया कटत नाहीं कोऊ न बतावै उपचार ठंडी बयरिया चलेला पिया सांय सांय…"

rakesh gupta replied Dec 2, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"ये माना है नहीं दिखती नज़र के इन उजालों में, है एहसासों की ये खुश्बू, जो जीवन को महक…"

rakesh gupta replied Dec 2, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"हमेशा साथ ही होता है दूर होकर भी वो जो है आँखों का तारा! जीवन के उन्मुक्त गगन पर खग…"

rakesh gupta replied Dec 2, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"सिर्फ़ ग़ज़ल-शे'रों से कुछ ना होगा लाले| इश्क नहीं आसाँ, प्यारे कुछ मेहनत भी कर|५|…"

rakesh gupta replied Dec 2, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"तेरी हर एक मुस्कान के कायल हैं हम तेरी हर ख़ुशी के लिए पागल हैं हम, तुम जो ना होती त…"

rakesh gupta replied Dec 2, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"प्रेम भक्ति में मीरा नाचीं जग ने पोथी इसकी बांची हृदय में उगकर प्रेम कमल लगता है अमृ…"

rakesh gupta replied Dec 2, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"प्रेम भरी हैं तोरी बतियाँ चैन चुरावें हो मेरी मीठी प्यारी प्रियतम दूर न जाओ हो वन्द…"

rakesh gupta replied Dec 2, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"तुम हौले से अपनी नज़रें उठाना नाजुक हैं मेरे ख्वाब कहीं बिखर न जाएँ कोमल भावों से भर…"

rakesh gupta replied Dec 2, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

"जो लड़ न सके वो जंग मोहब्बत की चमक न दिखे जिसे सामने पड़ी शोहरत की रास न आयें जिसे तख…"

rakesh gupta replied Dec 2, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-2 (closed now)

1524 Dec 6, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

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मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
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Saurabh Pandey posted a blog post

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"आपने कहे को सस्वर किया इस हेतु धन्यवाद, आदरणीय  //*फिर को क्यों करने से "क्यों "…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना को आपने अनुमोदित कर मेरा उत्साहवर्धन किया, आदरणीय विजत निकोर जी हार्दिक आभार .. "
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Sushil Sarna commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"आदरणीय जी सादर प्रणाम -  अद्भुत सृजन - हृदय तटों को छूती गहन भावों की अभिव्यक्ति ने अहसासों की…"
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