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Tilak Raj Kapoor's Discussions (2,083)

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"आपकी ग़ज़ल के पहले दो मत्‍ले छोड़ दिये जायें तो एक खूबसूरत ग़ज़ल सामने आती है। "

Tilak Raj Kapoor replied May 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-47

848 May 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"इस बह्र में ध्‍यान रखना ज़रूरी है कि यह फ़ायलुन्+मफ़ाईलुन् पर ठहराव है और फिर फ़ायलु…"

Tilak Raj Kapoor replied May 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-47

848 May 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"वो हमारी आँखों की अर्जियां समझती हैं है लिखी जो दिल पे वो पोथियाँ समझती हैं ... देखि…"

Tilak Raj Kapoor replied May 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-47

848 May 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"एक पर दो मुफ़्त मत्‍ले ।  मुशायरे की बंदिश नहीं होती तो कश्‍मकश है क्‍या गुल की तित…"

Tilak Raj Kapoor replied May 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-47

848 May 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"डालियों ने जाया है इन हसीं फूलों को फूल कौन तोड़ेगा डालियाँ समझती हैं ........ वाह क्…"

Tilak Raj Kapoor replied May 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-47

848 May 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"कोमल भाव संजोये हैं आपकी ग़ज़ल। "

Tilak Raj Kapoor replied May 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-47

848 May 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"यह बह्र फ़ायलुन्+मफ़ाईलुन् x2 है इसका ध्‍यान रखना ज़रूरी है अन्‍यथा शिकस्‍ते नारवा क…"

Tilak Raj Kapoor replied May 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-47

848 May 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"खूबसूरत ग़ज़ल और खूबसूरत गिरह।  सब नकाब ओढ़ें हैं अपनी अपनी फ़ितरत का फूल कौन तोड़ेगा ड…"

Tilak Raj Kapoor replied May 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-47

848 May 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"आपकी ग़ज़लों में नैसर्गिक शायर का प्रवाह रहता है, इस ग़ज़ल में भी है। कहन में भी सोच…"

Tilak Raj Kapoor replied May 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-47

848 May 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

"धन्‍यवाद आशीष जी। "

Tilak Raj Kapoor replied May 25, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-47

848 May 25, 2014
Reply by अरुण कुमार निगम

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