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"हो जाए जग ये सारा जगमग अपनी चौखट को इतना बढ़ाएँ बेहतरीन भाई गोपी नाथ जी, विश्व बन्ध…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"वन्दे मातरम आदरणीय प्रभाकर जी, एक बेहतरीन रचना पर क्या टिप्पणी करूँ समझ नही आ रहा है…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"अपर्णा जी आपकी सभी रचनाये मार्मिक और जमीन से जुडी होती हैं बधाई ......... वह दीप चाक…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"प्रभु जग में सत्य प्रकाशित हो और आडम्बर का हो विनाश सब खुद जीयें और जीने दें ये धरा…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"चाह रहा हूँ आग लगे सारी दुनिया मे जल जाए भय भेद-भाव सारी आशंका सामूहिक सुख का प्रका…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"वन्दे मातरम दोस्तों, ****एक मजदूर की दिवाली**** त्योहारों के रंग में डूबा सारा शहर…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"हर पल ही दीवाली मनाते चलो,........... अंतस का अँधेरा मिटाते चलो, हर पल ही दीवाली मन…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"वन्दे मातरम दोस्तों, १९८४ के दंगों के बाद दिवाली के मौंके पर मेरे किशोर मन से एक टूट…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
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"हर पल ही दीवाली मनाते चलो,........... अंतस का अँधेरा मिटाते चलो, हर पल ही दीवाली मन…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"चरण स्पर्स गुड्डो दादी, दादियाँ क्षमा नही मांगती आशीर्वाद देती हैं, आपके आशीर्वाद की…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

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Sushil Sarna commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहे -रिश्ता
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी रिश्तों पर आधारित आपकी दोहावली बहुत सुंदर और सार्थक बन पड़ी है ।हार्दिक बधाई…"
Tuesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-120
"तू ही वो वज़ह है (लघुकथा): "हैलो, अस्सलामुअलैकुम। ई़द मुबारक़। कैसी रही ई़द?" बड़े ने…"
Monday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-120
"गोष्ठी का आग़ाज़ बेहतरीन मार्मिक लघुकथा से करने हेतु हार्दिक बधाई आदरणीय मनन कुमार सिंह…"
Monday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-120
"आपका हार्दिक आभार भाई लक्ष्मण धामी जी।"
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-120
"आ. भाई मनन जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई।"
Monday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-120
"ध्वनि लोग उसे  पूजते।चढ़ावे लाते।वह बस आशीष देता।चढ़ावे स्पर्श कर  इशारे करता।जींस,असबाब…"
Sunday
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-120
"स्वागतम"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177
"आ. रिचा जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177
"आ. भाई अजय जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177
"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-177
"आ. भाई अमित जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए धन्यवाद।"
Saturday

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