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rakesh gupta's Discussions (506)

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"हो जाए जग ये सारा जगमग अपनी चौखट को इतना बढ़ाएँ बेहतरीन भाई गोपी नाथ जी, विश्व बन्ध…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"वन्दे मातरम आदरणीय प्रभाकर जी, एक बेहतरीन रचना पर क्या टिप्पणी करूँ समझ नही आ रहा है…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"अपर्णा जी आपकी सभी रचनाये मार्मिक और जमीन से जुडी होती हैं बधाई ......... वह दीप चाक…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"प्रभु जग में सत्य प्रकाशित हो और आडम्बर का हो विनाश सब खुद जीयें और जीने दें ये धरा…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"चाह रहा हूँ आग लगे सारी दुनिया मे जल जाए भय भेद-भाव सारी आशंका सामूहिक सुख का प्रका…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"वन्दे मातरम दोस्तों, ****एक मजदूर की दिवाली**** त्योहारों के रंग में डूबा सारा शहर…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"हर पल ही दीवाली मनाते चलो,........... अंतस का अँधेरा मिटाते चलो, हर पल ही दीवाली मन…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"वन्दे मातरम दोस्तों, १९८४ के दंगों के बाद दिवाली के मौंके पर मेरे किशोर मन से एक टूट…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"हर पल ही दीवाली मनाते चलो,........... अंतस का अँधेरा मिटाते चलो, हर पल ही दीवाली मन…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"चरण स्पर्स गुड्डो दादी, दादियाँ क्षमा नही मांगती आशीर्वाद देती हैं, आपके आशीर्वाद की…"

rakesh gupta replied Nov 3, 2010 to "OBO लाइव महा इवेंट" अंक-१ ( Now Close )

1215 Nov 11, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

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मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
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Saurabh Pandey posted a blog post

नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ

   जिस-जिस की सामर्थ्य रही है धौंस उसी की एक सदा से  एक कहावत रही चलन में भैंस उसीकी जिसकी लाठी…See More
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Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आपने कहे को सस्वर किया इस हेतु धन्यवाद, आदरणीय  //*फिर को क्यों करने से "क्यों "…"
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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना को आपने अनुमोदित कर मेरा उत्साहवर्धन किया, आदरणीय विजत निकोर जी हार्दिक आभार .. "
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Sushil Sarna commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"आदरणीय जी सादर प्रणाम -  अद्भुत सृजन - हृदय तटों को छूती गहन भावों की अभिव्यक्ति ने अहसासों की…"
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