For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

डॉ छोटेलाल सिंह's Discussions (815)

Discussions Replied To (583) Replies Latest Activity

"आदरणीय शुक्ल जी आपकी रचना बहुत बेहतरीन है कितनी भी प्रशंसा की जाय कम है बहुत बहुत बध…"

डॉ छोटेलाल सिंह replied Mar 10, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय तस्दीक साहब आपकी रचना बहुत अच्छी है मन प्रसन्न हो गया दिली मुबारकबाद कुबूल की…"

डॉ छोटेलाल सिंह replied Mar 10, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय धामी साहब आपकी रचना बहुत बेहतरीन है इसके लिए बहुत बहुत बधाई"

डॉ छोटेलाल सिंह replied Mar 10, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय आरिफ साहब आपकी रचना बहुत अच्छी है यथार्थ भावों को प्रदर्षित करती आपकी रचना अन…"

डॉ छोटेलाल सिंह replied Mar 10, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय निगम जी यथार्थ के पटल पर आपकी रचना अनमोल है बहुत बहुत बधाई"

डॉ छोटेलाल सिंह replied Mar 10, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

"*खेत खलिहान* कृषक बेचारा सिसक रहा है,खेतों औ खलिहानों में सदा सूखती जातीं फसलें,देखो…"

डॉ छोटेलाल सिंह replied Mar 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय अग्रवाल जी सादर अभिवादन आपकी रचना बहुत बेहतरीन है इसके लिए आपको बहुत बहुत बधाई"

डॉ छोटेलाल सिंह replied Mar 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय अजय जी खेत खलिहान को चरितार्थ करती हुई जीवन्त रचना के किये बहुत बहुत बधाई"

डॉ छोटेलाल सिंह replied Mar 9, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-89

393 Mar 10, 2018
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय अखिलेश कृष्ण जी आपके उत्साह वर्धन और सुझाव से बड़ी सुकून मिला आपको इस नेक सुझा…"

डॉ छोटेलाल सिंह replied Jan 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87

411 Jan 13, 2018
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय लक्ष्मण साहब आपको हृदयतल से धन्यवाद"

डॉ छोटेलाल सिंह replied Jan 13, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87

411 Jan 13, 2018
Reply by मिथिलेश वामनकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अच्छी ग़ज़ल हुई है ऋचा जी। मक्ता ख़ास तौर पर पसंद आया। बहुत दाद    दूसरा शेर भी बहुत…"
4 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"प्रिय लक्ष्मण भाई, अच्छी ग़ज़ल हुई है। बधाई।  //पाप करने पे आ गया जब मैंरब की मौजूदगी को भूल…"
4 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय जयहिंद जी, नमस्कार, अच्छे अशआर हुए हैं। कहीं कहीं कुछ-कुछ परिवर्तन की ज़रूरत लग रही है।…"
5 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"जिसको पाकर सभी को भूल गया  भूल से मैं उसी को भूल गया     राही जिद्द-ओ-जहद में…"
5 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"2122, 1212, 112/22 आदमी सादगी को भूल गयाक्या गलत क्या सही को भूल गया गीत गाये सभी तरह के पर मुल्क…"
5 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"नमन मंच  सादर अभिवादन "
6 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"2122 1212 112 बाप ख़ुद की ख़ुशी को भूल गया आज बेटा उसी को भूल गया १ ज़ीस्त की उलझनों में यूँ…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। गिरह सहित सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"2122, 1212, 112**बिसलरी पा  नदी को भूल गयाहर अधर तिस्नगी को भूल गया।१।*पथ की हर रौशनी को भूल…"
14 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"सादर अभिवादन।"
14 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला वो किसी को भूल गय इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा रात को इक और फिर रात…"
18 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"सादर अभिवादन "
18 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service