For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

डॉ छोटेलाल सिंह
  • Varanasi, Uttar Pradesh
  • India
Share

डॉ छोटेलाल सिंह's Groups

 

डॉ छोटेलाल सिंह's Page

Latest Activity

डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-120
"विषय आधारित बहुत ही सुंदर कुण्डलिया लिखी हैं आदरणीया बधाई कुबूल कीजिए"
Oct 11
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-120
"बहुत ही जीवन्त रचना के लिए सादर शुभकामनाएं आदरणीया"
Oct 11
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-120
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी उत्साह वर्धन के लिए आपका हृदयतल से बहुत बहुत आभार"
Oct 11
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-120
"उत्साह वर्धन के लिए आपका हृदयतल से बहुत बहुत आभार"
Oct 11
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-120
"उत्साहवर्धन के लिए दिल से आभार"
Oct 11
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-120
"गज़ल बच सकें तो बचें आप अहसान सेज़िंदगी को जियें सिर्फ़ सम्मान से अवसरों की कमी कब रही है उन्हेंलक्ष्य पर जो बढ़ें हर समय शान से एक अवसर मिला ज़िंदगी मिल गयीचूक जिनसे हुई वो गए जान से ज़िंदगी ये क़भी भार होगी नहींअवसरों को भुनाकर रहें मान से खेल सकते…"
Oct 10
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-120
"आदरणीय जवाहर लाल सिंह जी विषय आधारित बहुत ही आकर्षक दोहे जबरदस्त भाव के साथ, मन मगन हो गया दिल से बधाई"
Oct 10
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-120
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी सादर अभिवादन विषय आधारित समसामयिक सन्देशप्रद रचना पढ़कर दिल खुश हुआ बहुत बहुत बधाई"
Oct 10
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-120
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन विषयानुकूल बहुत ही लाज़बाब व सन्देशप्रद दोहे पढ़कर मन प्रसन्न हुआ,सादर बधाई कुबूल कीजिए"
Oct 10
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-120
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी विषय आधारित अच्छी रहना के लिए सादर बधाई"
Oct 10
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-118
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण जी सादर अभिवादन विषय आधारित उम्दा सृजन के लिए दिल से बधाई कुबूल कीजिए"
Aug 16
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-118
"आदरणीया सुनंदा झा जी सादर नमन ,विषय प्रदत्त  बहुत ही जबरदस्त रचना के लिए शुभकामनाएं"
Aug 16
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-118
"आदरणीय गहलोत साहब सादर अभिवादन विषय आधारित बहुत उम्दा सृजन के लिए सादर बधाई"
Aug 16
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-118
"आदरणीय राणा जी बहुत बेहतरीन सृजन के लिए सादर बधाई"
Aug 16
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-118
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन प्रदत्त विषय आधारित सुंदर सृजन हेतु लाख लाख बधाई"
Aug 16
डॉ छोटेलाल सिंह replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-118
"आदरणीय बासुदेव अग्रवाल जी सादर अभिवादन विषयानुकूल बहुत ही शानदार सृजन के लिए बहुत बहुत बधाई"
Aug 16

Profile Information

Gender
Male
City State
Varanasi
Native Place
Varanasi
Profession
Teacher
About me
I am a hindi lecturer in karra intercollege Jaunpur Uttar Pradesh

डॉ छोटेलाल सिंह's Blog

परम पावनी गंगा

चन्द्रलोक की सारी सुषमा, आज लुप्त हो जाती है।

लोल लहर की सुरम्य आभा, कचरों में खो जाती है

चाँदी जैसी चंचल लहरें, अब कब पुलकित होती हैं

देख दुर्दशा माँ गंगा की, हरपल आँखे रोती हैं।

बस कागज पर निर्मल होती, मीठी-मीठी बातों से।

कल्पनीय चपला जस शोभित, होती हैं सौगातों से।

व्यथित सदा ही गंगा होती, मानव के संतापों से।

फिर कैसे वह मुक्त करेगी, उसे भयंकर पापों से।

एक समय था गंगा लहरें, उज्ज्वल रूप दिखाती थी।

धवल मनोहर रात चाँदनी, गंगा…

Continue

Posted on June 1, 2020 at 5:45pm — 5 Comments

श्रमजीवी

श्रमिक दिवस पर श्रमजीवी को आओ शीश झुकाएँ।

बलाक्रान्त शोषित निर्बल को मिलकर सभी बचाएँ।

दुरित दैन्य दुख झेल रहे हैं

सदा मौत से खेल रहे हैं।

तृषा तपन पावस तुसार सह

जीवन नौका ठेल रहे हैं।

हर सुख से जो सदा विमुख हो उस पर बलि-बलि जाएँ।

निर्मित जो करता नवयुग तन,उसे नहीं ठुकराएँ।

आजीवन कटु गरल पी रहे

दुर्धर जीवन सभी जी रहे।

हाँफ-हाँफ कर विदीर्ण दामन

जीने के हित सदा सी रहे।

कर्म निरत गुरु गहन श्रमिक…

Continue

Posted on May 1, 2020 at 11:30am — 8 Comments

नव विहान (नवगीत)

नव विहान का गीत मनोहर गाता चल।

जीवन में मुस्काता चल।।

मन मराल को कभी मनोहत मत करना ।

हो कण्टक परिविद्ध तनिक भी ना डरना।

गम को भूल सभी से नेह लगाता चल।

जीवन में मुस्काता चल।।

वैर भाव की ये खाई पट जाएगी।

वर्गभेद तम की बदली छँट जाएगी।

बनकर मयार मधुत्व रस छलकाता चल।

जीवन में मुस्काता चल।।

महदाशा रख मर्ष भाव अंतर्मन में

जानराय बन ओज जगाओ जनजन में।

हो भवितव्य पुनर्नव राह बनाता चल।

जीवन में मुस्काता…

Continue

Posted on January 1, 2020 at 1:00pm — 8 Comments

आक्रोश

प्रतिदिन बढ़ता जा रहा, सामूहिक दुष्कर्म

क्रूर दरिन्दे भेड़िये, क्या जाने सत्कर्म।।1

जाएँ तो जाएँ किधर, चहुँ दिशि लूट खसोट

दानव सदा कुकर्म के, दिल पर करते चोट।।2

आये दिन ही राह में, होता अत्याचार।

छुपे हुए नर भेड़िये, करते रोज़ शिकार।।3

हवसी नर जो कर रहा, सारी सीमा पार।

सरेआम हैवान को, अब दो गोली मार।।4

शैतानों की चाल से, बढ़े रोज व्यभिचार।

रोम-रोम विचलित हुआ, सुनकर चीख पुकार।।5

खूनी पंजे कर रहे,…

Continue

Posted on December 3, 2019 at 7:30am — 4 Comments

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:31am on September 29, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय डॉ. छोटेलाल सिंह जी समय देकर ग़ज़ल तक आने का और हौसला अफ़जाई का बहुत बहुत शुक्रिया
At 1:24pm on August 16, 2019, TEJ VEER SINGH said…

जन्मदिन की हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ छोटे लाल सिंह जी।

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"आज की गोष्ठी में.विषयांतर्गत सहभागिता बढ़िया रही। यदि सहभागिता कम हो पा.रही है, तो.इस गोष्ठी को…"
39 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"आपने रचना के मूल भाव को यानी संकटकाल को सही तरह से पकड़ा है। स्पष्टता कहाँ कम है, यह भी बताइएगा।"
43 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"आदाब। रचना पर टिप्पणी और मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय जी।"
45 minutes ago
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post रखिहै सबका तुष्ट
"आ0 समर कबीर  साहेब, आदाब रचना अच्छी लगी, जान कर खुशी हुई। हार्दिक आभार आपका"
2 hours ago
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"आदरणीया प्रतिभा जी,आपका दिली आभार।मेरी लघुकथाएं आपका ध्यान आकृष्ट करती हैं,यह मेरा सौभाग्य है।"
4 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"ठसाठस भरी बस में माँ और शिशु की समस्या। अगर मैं सही समझी हूँ तो आपने इशारों में आज के संकटकाल की…"
6 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"हार्दिक आभार आदरणीय उस्मानी जी।"
7 hours ago
Samar kabeer commented on TEJ VEER SINGH's blog post कब तक  - लघुकथा –
"जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब, अच्छी लघुकथा हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
7 hours ago
Samar kabeer commented on Veena Gupta's blog post आइना
"मुहतरमा वीणा गुप्ता जी आदाब, अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
7 hours ago
Samar kabeer commented on Usha Awasthi's blog post रखिहै सबका तुष्ट
"मुहतरमा ऊषा अवस्थी जी आदाब, अच्छी रचना हुई, बधाई स्वीकार करें ।"
7 hours ago
Samar kabeer commented on Dr Vandana Misra's blog post लघुकथा- खाली गमला
"मुहतरमा डॉ. वंदना मिश्रा जी आदाब, अच्छी लघुकथा हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
7 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"नियमानुसार (लघुकथा) : विकासशील गाँव की शिक्षित सवारियाँ, बहू और ससुर, भीषण गर्मी में शहर की ठसाठस…"
9 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service