For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

डॉ छोटेलाल सिंह's Blog (31)

करगिल विजय

*करगिल विजय*

वज्रपात कर दुश्मन दल पर, सबक सिखाया वीरों ने

किया हिन्द का ऊँचा मस्तक, करगिल के रणधीरों ने

हर खतरे का किया सामना, लड़ी लड़ाई जोरों से

पग पीछे डरकर ना खींचे, बुझदिल और छिछोरों से l

धीर वीर दुर्गम चोटी पर, कसकर गोले दागे हैं

बंकर चौकी ध्वस्त किये सब, कायर कपूत भागे हैं

किये हवाई हमला भारी, धूर्त सभी थर्राए हैं

अरि मस्तक को कुचल-कुचल कर, अपना ध्वज लहराए हैं l

जब-जब दुस्साहस करता है, दुश्मन मारा जाता है

सरहद का…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on July 26, 2019 at 7:37pm — 3 Comments

ध्यान योग

ध्यान योग

ध्यान योग सबको करना है

असमय मौत नहीं मरना है

तन मन स्वस्थ योग से होगा

अमल किया जो हर सुख भोगा ll

योग ज्योति मिल सभी जलाएं

रोग शोक से मुक्ति दिलाएं

योगाचार सभीं अपनाएं

बचपन से ही योग कराएं ll

योगागम दुख दूर करेगा

विषम घड़ी से मनुज बचेगा

योगवान योगित हो जाएं

जीवन में नव निधि को पाएं ll

घातक रोग योग से भागे

संकट मिटे जहाँ नर जागे

योगाश्रम हर दिन जो जाये

सकल सीख योगी से पाये…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on June 21, 2019 at 7:50am — 2 Comments

मौजूँ मत

मौजूँ मत

राजनीति की दूषित दरिया,मिलकर स्वच्छ बनाएं

मतदाता परिपक्व हृदय से,अपना फर्ज निभाएं ll

माननीय बन वीर बहूटी,नित नव रूप दिखाएं

ये बर्राक करें बर्राहट ,इनको सबक सिखाएं ll

किरकिल सा बहुरूप बदलते,झटपट चट कर जाते

ये बरजोर करें बरजोरी, खाकर नहीं अघाते ll

वक्त आ गया समझाने का,अब इनको मत छोड़ो

सेवक नहीं बतोला बनजी, दोखी दंश मरोड़ो.ll

हर मत की कीमत को समझें,है मतदान जरूरी

बूथों पर मौजूँ मत करके, इच्छा…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on April 28, 2019 at 1:14pm — 5 Comments

संविधान शिल्पी

भीमराव बहुजन के त्राता

जनजीवन के भाग्य विधाता

सदा विषमता से टकराए

ज्वलित दलित हित आगे आए ll

लड़कर भिड़कर भेद मिटाए

पग पीछे को नहीं हटाए

सहकर ठोकर राह बनाए

तम से गम से ना घबराए ll

बोधिसत्व भारत के ज्ञानी

भारतरत्न भीम हैं शानी

दूर किये अश्पृश्य बुराई

वर्णभेद की पाटे खाई ll

छुआछूत का भूत भगाए

समरसता समाज में लाए

बहुजन हित की लड़े लड़ाई

वंचित को अधिकार दिलाई ll

शोषित कुचले जन के…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on April 14, 2019 at 6:47pm — 8 Comments

अभिनन्दन

हर दिल से स्वागत वंदन है
अभिनन्दन का अभिनन्दन है ll
भारत की आँखों का तारा
जन जन का यह राजदुलारा
वीर पुत्र यह कुलनन्दन है
अभिनन्दन का अभिनन्दन है ll
सिंह गर्जना करने वाला
भारत का वन्दा मतवाला
कण कण का प्यारा कुंदन है
अभिनन्दन का अभिनन्दन है ll
खेद खेद दुश्मन को मारा
सीने पर चढ़कर ललकारा
मातृभूमि का यह चन्दन है
अभिनन्दन का अभिनन्दन है ll

डॉ. छोटेलाल सिंह

मौलिक एवं अप्रकाशित

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on March 1, 2019 at 8:30am — 8 Comments

सन्त भूषण रविदास

गुंजित सब धरती गगन, जन-जन में उल्लास l

दिग्दिगन्त झंकृत हुआ, जन्म लिए रविदास ll1

दर्शनविद कवि सन्त को, नमन करूँ कर जोर l

कीर्ति ध्वजा लहरा रही, कण-कण में चहुँ ओर ll2

कर्मनिष्ठ प्रतिभा कुशल, सन्त श्रेष्ठ रविदास l

ज्ञानदीप ज्योतित किये, पूर्ण किये विश्वास ll3

सकल सृष्टि वाहक बने, सन्त शान्ति के दूत l

मुखमण्डल रवि तेज से, मिटा छूत का भूत ll4

दुरित दैन्य अस्पृश्यता, जड़ से किए विनाश l

सत्कर्मों के बल सदा , काटे…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on February 19, 2019 at 5:07pm — 4 Comments

वतन का राग

व्यर्थ नहीं जाने देंगे हम ,वीरों की कुर्बानी को

चढ़ सीने पर चूर करेंगे,दुश्मन की मनमानी को

माफ नहीं हरगिज करना है, भीतर के गद्दारों को

बनें विभीषण वैरी हित में,बुलन्द करते नारों को ll

अन्न देश का खाने वाले, दुर्जन के गुण गाते हैं

जिस माटी में पले बढ़े हैं, उस पर बज्र गिराते हैं

छिपे हुए कुलघाती जब ये, मिट्टी में मिल जाएंगे

बचे सुधर्मी सरफरोश सब,राग वतन के गाएंगे ll

देश कुकर्मी हठधर्मी को, कर देना बोटी बोटी

उस भुजंग को कुचल मसल…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on February 18, 2019 at 12:00pm — 2 Comments

दोहे

दोहे

दीप जलाएं मौज से, रखें सदा ही ध्यान

आगजनी होवे नहीं, हरपल हो कल्यान ll 1

दीपों की लड़ियाँ जले, हो प्रकाश चहुँओर

ज्ञान पुंज से हर कहीं, होवें सभी विभोर ll 2

घोर तमस मन का मिटे, जीवन हो खुशहाल

भाई भाई सब मिले, कभी न रखें मलाल ll 3

जगमग दीपक सा बनें, तभी बनेगी बात

निरालम्ब को दीजिए, खुशियों की सौगात ll 4

तम आडम्बर का मिटे, मिटे अंधविश्वास

ज्योतिर्मय जग ये करें, दुख ना आये पास ll…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on November 7, 2018 at 9:30pm — 8 Comments

लौहपुरुष

लौहपुरुष

( आल्हा-वीर छन्द )

लौहपुरुष की अनुपम गाथा,दिल से सुने सभी जन आज

दृढ़ चट्टानी हसरत वाले,बचा लिये भारत की लाज

धन्य हुई गुजराती गरिमा,जहाँ जन्म पाए सरदार

अखंड भारत बना गए जो,सदा करूँ उनकी जयकार

पिता झवेर लाडबा माता,की पटेल चौथी सन्तान

सन अट्ठारह सौ पचहत्तर,पैदा हुए हिन्द की शान

इकतीस अक्टूबर हिन्द में,हम सबका पावन दिन खास

भारतरत्न हिन्द की हस्ती,कण कण को आ किये उजास

खेड़ा जनपद गाँव करमसद,लेवा कृषक एक…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on October 31, 2018 at 1:05pm — 8 Comments

युग द्रष्टा कलाम

युग द्रष्टा कलाम

युग द्रष्टा कलाम की वाणी

हर पल राह दिखाएगी

युगों युगों तक नव पीढ़ी को

मंजिल तक ले जाएगी ll

बना मिसाइल अपनी मेधा

दुनिया को दिखलाए हैं

अणुबम की ताकत दिखलाकर

जग में मान बढ़ाए हैं ll

सपने सच होते हैं जब खुद

सपने देखे जाते हैं

दुख में जो भी धैर्य उठाये

कलाम सा बन जाते हैं ll

क्लास रूम का बेंच आखिरी

शक्ति स्रोत बन जाता है

गुदड़ी में जो लाल छिपा है

काम देश के आता है…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on October 16, 2018 at 2:40pm — 7 Comments

बेटी बचाएंगे

आन बान है घर की बेटी

इसको सदा बचाएंगे

बेटी से घर रोशन होता

मिलकर सभी पढ़ाएंगे ll

मन में लें सौगंध सभी जन

नहीं कोंख में मारेंगे

बेटी को खुद पढ़ा लिखाकर

अपना चमन सुधारेंगे ll

भेदभाव बेटी बेटा में

कभी नहीं होने देंगे

बेटी घर की रौनक होती

इसे नहीं रोने देंगे ll

सभी क्षेत्र में बेटी आगे

अपने बल से जाती है

आसमान को छूती बेटी

घर का मान बढ़ाती है ll

दो दो घर बेटी सँवारती

सारी खुशियाँ देती…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on October 11, 2018 at 5:48pm — 12 Comments

मानवता के अग्रदूत

मानवता के अग्रदूत

मानवता के अग्रदूत बन

नववाहक सच्चे सपूत बन

किया स्वप्न तूने साकार

नत मस्तक पशुता बर्बरता

देख अहिंसा का हथियार

तुझसे धन्य हुआ संसार ll

मानवता का ध्वज लहराए

जन जन को सन्मार्ग दिखाए

तेरे दया धर्म के आगे

जग लगता कितना आसार

तुझसे धन्य हुआ संसार ll

नित सुकर्म भरपूर किया है

हर विषाद को दूर किया है

श्रम प्रसूति के बल से बापू

किया चतुर्दिक बेड़ा पार

तुझसे धन्य हुआ संसार…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on October 2, 2018 at 6:25pm — 12 Comments

जनहित में

जनहित में

अप शब्दों से बचना सीखें

सबके दिल में बसना सीखें

गम की सारी खायी पाटें

हिल मिलकर के हँसना सीखें ll

सुख दुख को सब सहना जानें 

छोड़ बैर सब कहना मानें 

सहिष्णुता का पाठ पढ़ाकर

भाई जैसा रहना जानें ll

दिल से सबको गले लगाएं

प्रेम मुहब्बत सदा बढ़ाएं

हर गिरते का हाथ पकड़कर

बीच राह में उसे उठाएं ll

ये अपनों से दूरी कैसी

आखिर ये मजबूरी कैसी

अब उसका हक नहीं…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on September 26, 2018 at 11:57am — 8 Comments

हिंदी

हिन्दी

भारत माँ के विशद भाल पर

यह जो शोभित बिंदी है

जिसकी आभा से सब जगमग

वह भाषा तो हिन्दी है ll

अपनी गरिमा है हिन्दी से

हिन्दी ही अपनाएंगे

आन बान सम्मान अस्मिता

इसकी सदा बढ़ाएंगे ll

सरस सुगम हृदयंगम भाषा

जन जन की हितकारी है

मोती सा हम गुँथे सूत्र में 

हिन्दी की बलिहारी है ll

हमें गर्व है इस हिंदी पर

हिंदी को ना छोड़ेंगे

नित भारत के हर कोने को 

हिंदी…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on September 14, 2018 at 9:34pm — 2 Comments

हिंदी

भारत माँ के विशद भाल पर

यह जो शोभित बिंदी है

जिसकी आभा से सब जगमग

वह भाषा तो हिन्दी है ll

अपनी गरिमा है हिन्दी से

हिन्दी ही अपनाएंगे

आन बान सम्मान अस्मिता

इसकी सदा बढ़ाएंगे ll

सरस सुगम हृदयंगम भाषा

जन जन की हितकारी है

मोती सा हम गुँथे सूत्र में 

हिन्दी की बलिहारी है ll

हमें गर्व है इस हिंदी पर

हिंदी को ना छोड़ेंगे

नित भारत के हर कोने को 

हिंदी से हम…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on September 14, 2018 at 9:00pm — 7 Comments

राखी

राखी

राखी धागा प्रेम का, कर लेना स्वीकार

केवल ये धागा नहीं,जनम जनम का प्यार ll

बहना तेरी खुश रहे,ऐसा करना काम

मान धर्म रखना सभी, होवे ना बदनाम ll

रिश्ता ये अनमोल है,समझो इसका मोल

पावन रिश्ते को कभी, पैसे से ना तोल ll

प्रेम झलकता एक दिन,फिर करते तकरार

दुख सहती बहना अगर, ये कैसा है प्यार ll

दिल से बहना को सभी, देना स्नेह दुलार

याद करे बहना कभी,मत करना इनकार…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on August 26, 2018 at 12:38pm — 10 Comments

आल्हा

आल्हा (वीर छन्द)

बरसे बादल उमड़ घुमड़ के,चहुँ दिशि गूँजे चीख पुकार

गाँव नगर सब डूब गया है,कुदरत की ऐसी है मार

विषम घड़ी आयी केरल में,बाढ़ मचाई है उत्पात

कांप उठा है कोना कोना, संकट से ना मिले निजात

भारी जन धन काल गाल में,कैसे सभी बचाएं जान

खेत सिवान झील में बदले,ध्वस्त हुए सारे अरमान

तहस नहस केरल की धरती,मची तबाही चारो ओर

नाव चले गलियों कूँचे में,काल क्रूर बन गया कठोर

जमींदोज सब भवन हो गए,आयी बाढ़ बड़ी…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on August 21, 2018 at 8:36pm — 14 Comments

श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि

हिन्दी का जग सूना सूना,कवि नीरज के जाने से

मर्माहत साहित्य जगत है, यह हीरा खो जाने से

भूल नहीं पाएंगे हम सब,नीरज की कविताओं को

गीतों में ढाला है जिसने,नित मदमस्त फिजाओं को ll

देदीप्यमान अम्बरादित्य, बिन काव्यजगत ये रीता है

नीरज अब नीर विलीन हुआ, मन भ्रमर गमों को पीता है

मुखरित होता था प्रेम रुदन,सौंदर्य वेदना गीतों में

इक रूह झंकरित होती थी, उनके हर संगीतों में ll

कविता कानन का मन मयूर, ढूंढ…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on July 23, 2018 at 2:51pm — 6 Comments

नन्हीं चींटी

 नन्हीं चींटी

श्रमजीवी नन्हीं चींटी को 

दीवारों पर चढ़ते देखा

रेखाओं सी तरल सरल को

बाधाओं से लड़ते देखा ll

श्रमित न होती भ्रमित न होती

आशाओं की लड़ी पिरोती

कभी फिसलती कभी लुढ़कती

गिर गिर कर पग आगे रखती ll

सहोत्साह नित प्रणत भाव से

दुर्धर पथ पर बढ़ते देखा ll

मन में नहीं हार का भय है

साहस धैर्य भरा निर्णय है

लाख गमों को दरकिनार कर

एक लक्ष्य जाना है ऊपर…

Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on May 29, 2018 at 8:51am — 6 Comments

अस्थिशेष

अस्थिशेष (अतुकांत)



श्रम में तन्मय

अस्थिशेष

बस एक लक्ष्य

बस एक ध्येय

अपना काम

स्वप्न वैभव से दूर

मन तरंग पर हो सवार

कर्म को कर अवधार्य

लघुता का नहीं भार l

कहने को गगनचुंबी अट्टालीकाएँ

अनमोल झरोखे

रंग रोगन रूवाब

झिलमिलाती बत्तियां

मीठे ख्वाब

कंचन सी चमक दमक

ऐसो आराम

बेफिक्र मन प्रमन l

क्या पता ?

सुदूर विजन में

अम्बर तले

एक अदना सा

बेरूप बेनाम

सुखाता चाम

तापता घाम… Continue

Added by डॉ छोटेलाल सिंह on May 5, 2018 at 7:44am — 9 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Manoj kumar Ahsaas posted a blog post

ग़ज़ल मनोज अहसास इस्लाह के लिए

221   2121   1221   212मुझको तेरे रहम से मयस्सर तो क्या नहीं जिस और खिड़कियां है उधर की हवा…See More
1 hour ago
Pratibha Pandey commented on Sushil Sarna's blog post ऐ पवन ! ....
"सुन्दर रचना सर ,हवा(पवन) पर तो हम भी कुछ कहना चाहते है "
6 hours ago
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय गुप्ता जी बहुत बहुत बधाई स्वीकार करें।"
7 hours ago
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय धामी जी बहुत बढ़िया बहुत बधाई स्वीकार किजिए।"
7 hours ago
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीया जी बहुत बहुत बधाई बहुत अच्छी कोशिश की सादर ।"
7 hours ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय मोहन बेगोवाल जी हौसला अफजाई के लिए आपका अत्यंत आभार ।"
7 hours ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
" आदरणिया अंजलि गुप्ता जी आपका बहुत बहुत शुक्रिया । जी  बताई गई कमियों को दूर करने का पूरा…"
7 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"बहुत बहुत शुक्रिया जनाब नादिर खान साहब "
7 hours ago
dandpani nahak left a comment for नादिर ख़ान
"आदरणीय नादिर खान साहब आदाब , बहुत शुक्रिया आपकी हौसलाअफजाई का"
8 hours ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"नाम पर यूँ मज़हब के बाँटते हो बच्चों कोज़्ह्र बो रहे हो क्यों अपने नोनिहालों में उम्दा बात कही…"
8 hours ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"बेरहम हवाओं ने उसके पर कतर डाले जो फ़लक पे उड़ता था रात दिन ख़यालों में  आदरणीया राजेश…"
8 hours ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय मोहन बेगोवाल सर बहुत आभार"
8 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service