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ध्यान योग

ध्यान योग सबको करना है
असमय मौत नहीं मरना है
तन मन स्वस्थ योग से होगा
अमल किया जो हर सुख भोगा ll

योग ज्योति मिल सभी जलाएं
रोग शोक से मुक्ति दिलाएं
योगाचार सभीं अपनाएं
बचपन से ही योग कराएं ll

योगागम दुख दूर करेगा
विषम घड़ी से मनुज बचेगा
योगवान योगित हो जाएं
जीवन में नव निधि को पाएं ll

घातक रोग योग से भागे
संकट मिटे जहाँ नर जागे
योगाश्रम हर दिन जो जाये
सकल सीख योगी से पाये ll

जहाँ योगविद हों नर नारी
जनजीवन हो बहुत सुखारी
योग ध्यान की आदत डालें
मन में डर भय कभीं न पालें ll

डॉ. छोटेलाल सिंह

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by Samar kabeer on June 24, 2019 at 11:43am

जनाब डॉ. छोटेलाल सिंह जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

आपके अस्वस्थ होने की ख़बर पाकर चिंता हो रही है,दुआ गो हूँ, आप जल्द ही स्वस्थ हों,अपना ध्यान रखें ।

Comment by Sushil Sarna on June 22, 2019 at 4:25pm

आदरणीय जी योगदिवस पर योग को समर्पित सार्थक सृजन हेतु हार्दिक बधाई।

कृपया ध्यान दे...

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