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गुंजित सब धरती गगन, जन-जन में उल्लास l
दिग्दिगन्त झंकृत हुआ, जन्म लिए रविदास ll1

दर्शनविद कवि सन्त को, नमन करूँ कर जोर l
कीर्ति ध्वजा लहरा रही, कण-कण में चहुँ ओर ll2

कर्मनिष्ठ प्रतिभा कुशल, सन्त श्रेष्ठ रविदास l
ज्ञानदीप ज्योतित किये, पूर्ण किये विश्वास ll3

सकल सृष्टि वाहक बने, सन्त शान्ति के दूत l
मुखमण्डल रवि तेज से, मिटा छूत का भूत ll4

दुरित दैन्य अस्पृश्यता, जड़ से किए विनाश l
सत्कर्मों के बल सदा , काटे दुर्गुण पाश ll5

मन चंगा का भाव हो, तो कठवत में गंग l
सन्त शिरोमणि प्यार से,सिखलायें गुण ढंग ll6

सौम्य सन्त सरसिज खिलें,हो सुरभित संसार l
सुख सागर समृद्धि मिले,करुणा के अवतार ll7

डॉ. छोटेलाल सिंह

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on February 21, 2019 at 5:00pm

परमादरणीय समर साहब सादर अभिवादन आपके अनमोल उत्साह वर्धन से मन प्रसन्न हुआ दिल से शुक्रिया

Comment by Samar kabeer on February 21, 2019 at 3:56pm

जनाब डॉ. छोटेलाल सिंह जी आदाब,सन्त रविदास जी को समर्पित अच्छे दोहे लिखे आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on February 19, 2019 at 9:12pm

भाई सुरेन्द्र जी आपका बहुत बहुत आभार

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on February 19, 2019 at 6:59pm

आद0 भैया डॉ छोटेलाल सिंह जी सादर अभिवादन। संत शिरोमणि रविदास जी को याद करती बेहतरीन दोहे पर बधाई आपको

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