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युग द्रष्टा कलाम

युग द्रष्टा कलाम की वाणी
हर पल राह दिखाएगी
युगों युगों तक नव पीढ़ी को
मंजिल तक ले जाएगी ll

बना मिसाइल अपनी मेधा
दुनिया को दिखलाए हैं
अणुबम की ताकत दिखलाकर
जग में मान बढ़ाए हैं ll

सपने सच होते हैं जब खुद
सपने देखे जाते हैं
दुख में जो भी धैर्य उठाये
कलाम सा बन जाते हैं ll

क्लास रूम का बेंच आखिरी
शक्ति स्रोत बन जाता है
गुदड़ी में जो लाल छिपा है
काम देश के आता है ll

माता पिता और शिक्षक ही
स्वर्णिम देश बनाते हैं
ध्यान रखें जो बाल बृन्द का
वह आगे बढ़ जाते हैं ll

ऐसे नेक विचारों वाले
कलाम युग निर्माता हैं
सच्चे अर्थों में कलाम ही
भारत भाग्य विधाता हैं ll

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on October 18, 2018 at 12:01pm

वाह अच्छी रचना आदरणीय डॉ साहब..

Comment by Samar kabeer on October 17, 2018 at 5:18pm

जनाब डॉ.छोटेलाल सिंह जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on October 17, 2018 at 4:55pm

आ. भाई छोटेलाल जी, सादर अभिवादन । डा. कलाम की स्मृति में सुंदर दोहे रचे हैं । हार्दिक बधाई ।

Comment by V.M.''vrishty'' on October 17, 2018 at 12:58pm
आदरणीय डॉ छोटेलाल सिंह जी, सादर अभिनंदन! आपकी रचना बहुत सुंदर और प्रेरणादायी है। बधाई स्वीकार करें।
Comment by Neelam Upadhyaya on October 17, 2018 at 12:00pm

आदरणीय डॉ छोटेलाल सिंह जी, आपने डॉ ए पी जे कलाम साहब के जन्मदिन के उपलक्ष में इतनी सुंदर और प्रेरक प्रस्तुति लिखी।

Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on October 16, 2018 at 9:00pm

आदरणीय तेजवीर सिंह जी आपके उत्साह वर्धन से लेखनी सार्थक हुई आपका दिल से आभार 

Comment by TEJ VEER SINGH on October 16, 2018 at 8:51pm

हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ छोटेलाल सिंह जी, आपने डॉ ए पी जे कलाम साहब के जन्मदिन के उपलक्ष में इतनी सुंदर और प्रेरक प्रस्तुति लिखी।

सूर्य की तरह प्रकाशित व्यक्तितव के धनी, महान वैञानिक, सच्चे भारतीय, देश की शान,परम आदरणीय कलाम साहब को शत शत नमन ।

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