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मिथिलेश वामनकर's Discussions (7,389)

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"खुबसूरत ग़ज़ल  बेहतरीन शेर  लीलते जा रहे हो गाँवों को ज़िंदगी की जहाँ रवानी थी बहुत खूब "

मिथिलेश वामनकर replied Nov 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"अच्छा शेर है  कुछ नही ख़ास मै कमा पाया, दिल में हसरत बहुत पुरानी थी |"

मिथिलेश वामनकर replied Nov 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"आदरणीय आपका बहुत बहुत धन्यवाद ... आभार "

मिथिलेश वामनकर replied Nov 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"आदरणीया वंदना जी बहुत बहुत धन्यवाद ... आभार "

मिथिलेश वामनकर replied Nov 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"एक नए प्रयास के उत्साहवर्धन के लिए ह्रदय से आभार |"

मिथिलेश वामनकर replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"रदीफ़ दोष के  निवारण का प्रयास किया है . मार्गदर्शन की इच्छा से  निवेदन करता हूँ - व…"

मिथिलेश वामनकर replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"आपका बहुत बहुत धन्यवाद "

मिथिलेश वामनकर replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"अच्छी ग़ज़ल ... बधाई स्वीकार करे "

मिथिलेश वामनकर replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"खुबसूरत और अच्छी ग़ज़ल  उम्दा शे'र  "आज बिखरा पड़ा है  धरती पर  जिसकी परवाज़ आसमानी थी""

मिथिलेश वामनकर replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"बढ़िया और खुबसूरत ग़ज़ल  क्या खूब कहा है - सीख लेते अगर इसे जीनाज़िन्दगी तो बड़ी सुहानी…"

मिथिलेश वामनकर replied Nov 28, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 53

415 Nov 29, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

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