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KALPANA BHATT ('रौनक़')'s Discussions (1,630)

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"दुश्मनी भी जो निभाते थे सलीके से कभीआज के इस दौर में वो ख़ानदानी फिर कहाँइश्क़ का जब र…"

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied Aug 25, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

"जो मिला है वक्त उसको आज ही जी लीजिये ,ये ज़माना फिर कहाँ ये ज़िंदगानी फिर कहाँ।देख वाइ…"

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied Aug 25, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय हो सकता है मेरे जैसे और भी अनाडी होंगे , क्षमा चाहती हूँ ग़ज़ल ज्यादा नहीं समझत…"

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied Aug 25, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

"सामने हमराज बनकर  वार पीछे से करे लाश कंधों पे उखुव्वत की उठानी फिर कहाँ   वादियों क…"

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied Aug 25, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

"अच्छी ग़ज़ल कही है आपने आदरणीय मुनीश तन्हा जी | हार्दिक बधाई |"

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied Aug 25, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
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"बाँचिये मुखड़े,मुख़ालिफ़ हो गया लगता जहाँ,हो गयीं बातें बहुत,कुछ भी अजानी फिर कहाँ।4टूट…"

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied Aug 25, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
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"बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने आदरणीय लक्ष्मण धामी जी | हार्दिक बधाई आदरणीय |"

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied Aug 25, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

"छेड ख़ानी तो ज़मीं से कर रहा है आदमी जाएँगी आख़िर बलाएँ आसमानी फिर कहाँ |   आ गया है…"

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied Aug 25, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय समर भाई जी आपने यहाँ कुछ शब्दों के अर्थ यहाँ लिखे है तो थोड़ी समझ आई कुछ ग़ज़ल क…"

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied Aug 25, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय राज़ नवादवी जी ग़ज़ल के कुछ अशआर समझ नहीं पायी हूँ , इम्बेसात , आशुफ़्तालब,कज़दहान…"

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied Aug 25, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-86

492 Aug 26, 2017
Reply by Samar kabeer

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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